पिछले आठ सालों से बंद पड़ी निठारी की डी-5 कोठी के दो कमरों में बृहस्पतिवार रात आग लगने की घटना किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं है। पिछले दिनों ही कोठी के मालिक और निठारी कांड में आरोपी मोनिंदर सिंह पंधेर की जमानत हुई थी।
थाना सेक्टर-20 पुलिस मामले की जांच कर रही है कि कोठी में आग कहीं किसी साजिश के तहत तो नहीं लगाई गई है।
पुलिस के अनुसार रात करीब ग्यारह बजे डी-5 कोठी के दो कमरों में आग लग गई थी। इस दौरान कमरे में रखा फर्नीचर जल गया था।
पुलिस को शक है कि पिछले आठ साल से बंद पड़ी कोठी में चोरों और स्मैकियों ने अपना अड्डा बना रखा था। हो सकता है माचिस के उपयोग से फर्नीचर ने आग पकड़ ली हो। वहीं, जमानत के बाद से हो सकता है पंधेर कोठी का उपयोग किसी काम के लिए करना चाहता हो।
इसीलिए लोगों का ध्यान बंटाने के लिए आग लगाई गई हो। जिसके बाद पुलिस की सुरक्षा और कड़ी कर दी जाए। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है कि पंधेर की रिहाई से खफा निठारीवासियों या पीड़ितों के परिवार के लोगों ने तो घटना को अंजाम नहीं दिया है। मामले में सीओ प्रथम शिवराम यादव ने बताया कि पुलिस इस घटना की हर एंगल से जांच कर रही है।