पहले चरण की छंटनी प्रक्रिया होने के बाद अब तोड़जोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। नाम वापसी के लिए भी कई प्रत्याशियों पर दबाव बनाए जा रहे हैं।
वहीं, प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी ग्रामीणों को सर्वसम्मति से चुनाव कराने के लिए तैयार करने में जुटे हैं। इसके लिए गांव को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का हवाला दिया जा रहा है।
चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशी नए साल की बधाई के बहाने अपनी पैंठ बनाते नजर आ रहे हैं। पहले चरण के तहत जिले के गुड़गांव और सोहना ब्लॉक में नामांकन और छंटनी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। एक जनवरी तक नाम वापसी लेने की मियाद है।
इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। एक-एक गांव में पंच के लिए पांच से 12 उम्मीदवार खड़े हैं। ऐसे में अधिक मारामारी होने की संभावना है।
इसे देखते हुए गांव के कई गणमान्य लोगों के साथ मिलकर पुराने पंच चुनाव को सर्वसम्मति से कराने पर जोर दे रहे हैं। सर्वसम्मति से ग्राम पंचायत चुने जाने पर मिलने वाली 11 लाख रुपये के जरिये गांव के विकास का खाका भी ग्रामीणों के सामने पेश किया जा रहा है।
नाम वापसी की आखिरी तारीख एक जनवरी है। ऐसे में बृहस्पतिवार को गांवों में दिन भर जोड़तोड़ चलती रही। कई चौपालों पर लोग आपस में इस मसले पर गुफ्तगू करते दिखे।
इसी के बीच प्रत्याशी भी नए साल की बधाई और राम-राम के साथ उन्हें चुनाव में याद रखने की भी बात कर रहे थे। इसी बहाने वोटरों को एसएमएस भेजकर भी उनके दिल में जगह बनाने की कोशिश हो रही है।