मून बेवरेज ने 2014-15 में 100 करोड़ से ज्यादा का माल ऐसी कंपनी को बेच दिया, जो असल में है ही नहीं। दिल्ली में 2013 में बंद हो चुकी कंपनी को मून बेवरेज ने सेंट्रल सेल दिखाकर करीब 30 करोड़ की टैक्स चोरी की।
दिल्ली और गाजियाबाद के वाणिज्य कर अफसरों की जांच में इसका खुलासा हुआ। आयकर विभाग के रिकार्ड में भी भ्रामक जानकारी की पुष्टि हुई है। अफसरों ने मून बेवरेज प्रबंधन से रिकार्ड प्रस्तुत करने को कहा है।
मून बेवरेज फैक्ट्री साहिबाबाद में है। यह बाटलिंग प्लांट है। मून बेवरेज ने वाणिज्य कर विभाग को सौंपे रिकार्ड में 2014-15 में 100.76 करोड़ की सेंट्रल सेल दिखाई।
सेंट्रल सेल पर करीब 15 फीसदी की छूट दी जाती है। कंपनी को अपनी सेल पर 17 फीसदी टैक्स देना पड़ता है, जबकि इस सेल पर मात्र दो फीसदी टैक्स दिया गया।
गाजियाबाद अफसरों ने सेंट्रल सेल की जांच के लिए दिल्ली के ट्रेड टैक्स अफसरों से सहयोग मांगा था। जांच में खुलासा हुआ कि मून बेवरेज की सेल फर्जी थी।
दिल्ली की जिस सनराइज इंटरप्राइजेज फर्म को बिक्री होना दिखाया गया था, वह कंपनी है ही नहीं। वह कंपनी 16 अप्रैल 2013 को बंद हो गई थी। उसके टिन नंबर से भी इसका खुलासा हुआ है।
इसके बाद अफसरों की टीम ने संयुक्त जांच की। टीमों को दिल्ली के उक्त नंबर का कोई ऑफिस-फर्म नहीं मिले। मून बेवरेज के आयकर रिटर्न से भी मामला उलझ गया है।
उसमें सेंट्रल सेल के नाम पर छूट ली गई है। मून बेवरेज पर करीब 30 करोड़ रुपये की कर चोरी का मामला बनता है।
मून बेवरेज फ्रेंचाइजी है। वित्तीय प्रबंधन के लिए मून बेवरेज जिम्मेदार है। कोका-कोला का सीधे तौर पर लेना-देना नहीं है।-सोनू सिंह, मीडिया प्रभारी कोका-कोला
वाणिज्य कर का नोटिस नहीं मिला है। मांगने पर रिकार्ड उपलब्ध करा देंगे। किसी फर्जी फर्म को बिक्री करने की जानकारी नहीं है। मामले में संबंधित डिपार्टमेंट के अफसरों से जानकारी ली जाएगी।-जेपी शर्मा, जीएम मून बेवरेज