गांव गोहरा आलमगीरपुर के आसपास बसे दर्जनों गांवों में अब शादी समारोह में डीजे की धमक नहीं सुनाई देगी। शादियों में अनावश्यक खर्च भी नहीं किया जाएगा। यह फैसला रविवार को गोहरा गांव में जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत की अध्यक्षता में हुई सर्वसमाज की महापंचायत में लिया गया।
बीते दिनों गांव गोहरा में एक घुड़चढ़ी में डीजे की तेज धमक के कारण एक महिला की मौत हो गई थी। इसके अलावा नगर के गढ़ रोड पर भी तेज धमक के कारण करीब आधा दर्जन गाड़ियों की शीशे टूट गए थे। आलम यह है शादी समारोह के दौरान हृदय रोगियों के लिए तो डीजे की धमक को सहन कर पाना मुश्किल हो जाता है।
रविवार को गांव गोहरा आलमगीरपुर में जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत हूण के नेतृत्व में सर्वसमाज की महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें धनावली अट्टा, मुदाफरा, बागड़पुर, हरनाथपुर कोटा, माधापुर, आघापुरा, मतनौरा, छतनौरा, मुक्तेश्वरा, औरंगाबाद, आरिफपुर, सरीफपुर, सलारपुर, दत्तियाना समेत तीन दर्जन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया।
महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शादी में डीजे लेकर नहीं जाएंगे न ही गांव में डीजे बजने देंगे। दहेज की लिस्ट पढ़कर नहीं सुनाई जाएगी न ही दहेज के समान का प्रचार करेंगे, असलहों के साथ बारात रिसीव नहीं करेंगे, किसी भी तरह की हर्ष फायरिंग होने की इजाजत नहीं होगी। खाने की बर्बादी नहीं होने देंगे।