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Delhi NCR News: दिल्ली में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को बढ़ी रफ्तार

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ड्राफ्ट जारी होने के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालों का आंकड़ा दो लाख पहुंचा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है। 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद सात अक्तूबर तक 2,02,359 लोगों ने नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 जमा किया है। इससे पहले 30 अगस्त तक 2,12,400 फॉर्म-6 प्राप्त हुए थे। इस तरह अब तक कुल 4,14,759 आवेदन नाम जुड़वाने के लिए मिल चुके हैं।
नाम जुड़वाने के लिए 9 और 11 को कैंप :
मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर नौ और 11 अक्तूबर को विशेष कैंप लगाए जाएंगे। चुनाव कार्यालय ने पात्र नागरिकों से इन कैंपों में पहुंचकर फॉर्म-6 भरने और अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील की है। इससे पहले 20 और 27 सितंबर को भी सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए गए थे।
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युवा मतदाताओं पर भी जोर :
युवा मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए सात और आठ अक्तूबर को स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों में विशेष कैंप आयोजित किए गए। इससे पहले 29 और 30 सितंबर को भी अभियान चलाया गया था। चुनाव कार्यालय के अनुसार, एक अक्तूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकते हैं।
घर-घर पहुंच रहे बीएलओ :
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान कर रहे हैं, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। पात्र पाए जाने पर उन्हें फॉर्म-6 भरने में मदद दी जाएगी। दिल्ली में पुराने पते से दूसरे स्थान पर जा चुके और घर-घर सत्यापन के दौरान एएसडीडी सूची में शामिल मतदाता भी नए पते पर नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भर सकते हैं।
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15.30 लाख मामलों का सत्यापन पूरा : एसआईआर के दौरान नोटिस जारी किए गए मतदाताओं के दस्तावेज लेने के लिए भी बीएलओ घर-घर पहुंच रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को सुनवाई के लिए कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। चुनाव कार्यालय के अनुसार नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े 15,30,408 मामलों का दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन पूरा हो चुका है।
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