घूकना के धर्मेंद्र उर्फ काले (35) की गर्दन और सीने पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। उसका शव रईसपुर गांव के खेत में पड़ा मिला। अंदेशा है कि हत्या कहीं और कर शव वहां डाला गया। मृतक के भाई देवेंद्र ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि जानलेवा हमले के मामले में पैचअप के बहाने धर्मेंद्र को मुख्य आरोपी हरेंद्र कसाना ने बुलवाया और मार डाला। पुलिस प्रेम प्रसंग और नशा करने वालों द्वारा वारदात करने के एंगल पर भी जांच कर रही है।
घूकना निवासी राजेंद्र के सात बेटे हैं। वे फेरी का काम करते हैं। धर्मेंद्र दूसरे नंबर पर था। वह भी पूर्व में फेरी का काम करता था। फिलहाल बेरोजगार था। धर्मेंद्र परिवार से अलग किराए पर कमरा लेकर पत्नी नीतू और चार बच्चे शिवम, चंदन, काजल और सपना के साथ रहता था।
नीतू ने बताया कि धर्मेंद्र बुधवार रात करीब आठ बजे घर में खाना का रहा था तबी राजू, प्रह्लाद और राहुल निवासी घूकना घर पर आए और धर्मेंद्र को ऑटो में बैठाकर ले गए। देर रात तक वह वापस नहीं लौटे। बृहस्पतिवार सुबह तक जब धर्मेंद्र घर नहीं पहुंचा तो नीतू ने ससुर राजेंद्र को जानकारी दी।
परिजनों ने धर्मेंद्र की तलाश शुरू की। दूसरी तरफ, धर्मेंद्र का छोटा भाई पिंटू फेरी करता हुआ बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे रईसपुर गांव पहुंचा। रईसपुर में उसे शव मिलने का पता चला तो वह भी मौके पर पहुंच गया।
मौके पर मौजूद सेक्टर-23 चौकी प्रभारी गोपीचंद ने शिनाख्त के लिए मोबाइल पर खींची गई धर्मेंद्र की तस्वीर पिंटू को दिखाई। तस्वीर देखते ही पिंटू गश खाकर गिर गया। बाद में पिंटू ने पुलिस को बताया कि तस्वीर उसके भाई धर्मेंद्र उर्फ काले की है। उसने इसकी सूचना पिता राजेंद्र को दी।
सूचना मिलने पर परिजन सिहानी गेट थाने पहुंचे। वहां पता चला कि शव कविनगर थाना क्षेत्र में मिला है तो वे रोते-बिलखते कविनगर थाने पहुंचे। भाई देवेंद्र ने फाइनेंसर हरेंद्र कसाना, राहुल, राजू, प्रहलाद और अरविंद निवासी सिहानी गेट के खिलाफ कविनगर पुलिस को तहरीर दी।
एसपी सिटी अजयपाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, उनकी तलाश की जा रही है। हालांकि कई अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। प्रेम प्रसंग और नशे के कारोबार के एंगल पर भी जांच की जा रही है।
चार दिन से आरोपी बना रहे थे प्लानिंग
देवेंद्र ने बताया कि आरोपी फाईनेंसर हरेंद्र कसाना ने होली के दिन खुद पर फायरिंग करने का दावा किया था। इस मामले में हरेंद्र ने सोनू त्यागी और माइकल के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
माइकल उसका भाई है। आरोप है कि इसी मामले में पैचअप के बहाने हरेंद्र ने पिछले चार दिनों में कई बार धर्मेंद्र को कॉल की और उसे मिलने के लिए बुलाया था। इसकी जानकारी धर्मेंद्र ने पत्नी और अन्य परिजनों को दी थी।
धर्मेंद्र अपने एक रिश्तेदार की शादी में बीबीनगर गया था, इसलिए वह आरोपियों को नहीं मिल सका था। बुधवार रात भी धर्मेंद्र को हरेंद्र ने उसके दोस्त राहुल, राजू और प्रह्लाद के जरिये मिलने के लिए बुलाया और मार डाला।
डीजे बजाने पर भी हुआ था विवाद
करीब 15 दिन पहले डीजे बजाने को लेकर हरेंद्र से धर्मेंद्र की कहासुनी हो गई थी। दरअसल, दोनों आस पड़ोस के रहने वाले हैं। हरेंद्र ने डीजे बुक किया था और तेज आवाज में गाने बजा रहा था।
धर्मेंद्र ने वॉल्यूम कम करने के लिए कहा था, इसे लेकर हरेंद्र ने पिस्टल निकालकर धर्मेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी। आसपास के लोगों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों में समझौता कर दिया था।