दिल्ली विश्वविद्यालय में हर साल एससी-एसटी की सीटें खाली रह जाती हैं। डीयू में इस बार स्नातक कोर्सेज में दाखिले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी) से होने हैं। ऐसे में प्रशासन नहीं चाहता है कि इस बार भी सीटें खाली रहें। इसके लिए प्रशासन ने सोमवार से एससी-एसटी छात्रों के लिए ऑनलाइन ओरिएंटेशन कम गाइडेंस प्रोग्राम की शुरुआत की गई। आठ जुलाई तक चलने वाले इस ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए चार सौ से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
पहले दिन यू-ट्यूब पर इसे 1700 से अधिक छात्रों ने देखा। विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के पहले दिन सीयूईटी से संबंधित सामान्य जानकारी उपलब्ध कराई। डीयू कुलपति प्रो योगेश सिंह ने कहा कि हर बार एससी-एसटी की सीटें खाली रह जाती हैं। जो कि चिंता की बात है। इसलिए इन श्रेणी के छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कम गाइडेंस प्रोग्राम का प्रयास शुरू किया है। यह छात्रों के हित में है। ओरिएंटेशन कम गाइडेंस कार्यक्रम में डीयू डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. पंकज अरोड़ा ने कहा कि सीयूईटी के सभी पहलुओं को छात्रों के लिए समझना जरुरी है। खासकर सब्जेक्ट कॉम्बिशन, भाषा, सामान्य टेस्ट के विषय में पता होना चाहिए। सीयूईटी का एक हिस्सा सामान्य टेस्ट का भी है। डीयू से जो छात्र ऑनर्स की पढ़ाई करना चाहते हैं उन्हें यह टेस्ट देना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र की विषय संबंधित कोई जिज्ञासा है तो वह हमारे विशेषज्ञ से बात जरुर करें। इससे उन्हें पता चलेगा कि संस्कृत में बहुविकल्पीय प्रश्न किस प्रकृति के होंगे तो फिजिक्स में किस प्रकृति के होंगे। छात्रों को सीयूईटी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। कैसे सीयूईटी को हल करना है, बहुविकल्पीय प्रश्नों की प्रैक्टिस कैसे होनी चाहिए, इसके संबंध में अन्य सत्रों में बताया जाएगा।
एनटीए ने सीयूईटी के लिए जारी किए मॉक टेस्ट, अभ्यास करें
डॉ. पंकज अरोड़ा ने छात्रों को जानकारी दी कि रविवार को एनटीए की ओर से सीयूईटी के लिए मॉक टेस्ट जारी कर दिए हैं। छात्र इन मॉक प्रैक्टिस पेपर से प्रश्नों के प्रकार और पैटर्न का अंदाजा लगा सकते हैं। इसके माध्यम से वह सीयूईटी की तैयारी कर सकते हैं। इन मॉक टेस्ट के माध्यम से छात्र यह देख सकते हैं कि कंप्यूटर आधारित सीयूईटी की परीक्षा कैसे दी जा सकती है। छात्रों को इन्हें हल करके देखना चाहिए। एनटीए की ओर से आने वाली अन्य जानकारी भी समय-समय पर छात्रों को दी जाएगी।