एमसीडी ने क्षेत्रीय भवन कार्यालयों को दिए निगरानी और ध्वस्तीकरण के निर्देश, लापरवाही पर सख्त रुख अपनाने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की 1511 अनधिकृत कॉलोनियों में अवैध निर्माण के खिलाफ तुरंत और समयबद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। एमसीडी ने सभी क्षेत्रीय भवन कार्यालयों को इन कॉलोनियों में अवैध निर्माण पर कड़ी नजर रखने, उपलब्ध संसाधनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को एमसीडी सदन की बैठक में कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश की आधे घंटे की बहस के जवाब में यह जानकारी दी गई। बहस के दौरान अवैध निर्माण, भवन अनुमति, खतरनाक इमारतों, सीलिंग और अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़े मुद्दे उठाए गए। एमसीडी ने स्पष्ट किया कि निगम अधिनियम के तहत आयुक्त की पूर्व मंजूरी के बिना निर्माण शुरू नहीं किया जा सकता। बिना अनुमति या अनधिकृत निर्माण पाए जाने पर क्षेत्रीय भवन विभाग अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करता है।
भवन नक्शे की मंजूरी की प्रक्रिया ऑनलाइन है। एकीकृत भवन उपविधि-2016 के तहत 500 वर्ग मीटर तक के कुछ आवासीय भूखंडों के नक्शे पंजीकृत वास्तुकार और अभियंता स्वीकृत कर सकते हैं। बड़े भूखंडों, गैर-आवासीय निर्माण और अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत वाले मामलों में निगम के भवन विभाग से ऑनलाइन मंजूरी लेनी होती है। एमसीडी के मुताबिक, खतरनाक इमारतों को तत्काल या निर्धारित अवधि में खाली कराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराया भी जा सकता है। वहीं, भवन के गलत इस्तेमाल और अनधिकृत निर्माण के मामलों में सीलिंग का प्रावधान है।