डिब्रूगढ़ और लखीमपुर में शोध, चाय-बागानों की मैपिंग और रोजगारपरक प्रशिक्षण रणनीति पर हुई चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। असम के चाय-बागान समुदायों में कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए जामिया मिल्लिया इस्लामिया में तीन दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में असम के डिब्रूगढ़ और लखीमपुर जिलों के चाय-बागान समुदायों पर केंद्रित शोध की प्रारंभिक तैयारियों और कार्यप्रणाली पर मंथन किया जा रहा है।
यह पहल आईसीएसएसआर के डिजिटल और गैर-डिजिटल कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से असम की जनजातियों का सशक्तिकरण शोध परियोजना के तहत हो रही है। इसमें चाय-बागानों की मैपिंग, फील्ड तक पहुंच, मौजूदा कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा और प्रशिक्षण मॉडल तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के प्रो. विनोज अब्राहम ने कौशल विकास और आजीविका से जुड़े पहलुओं पर विचार रखे। असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. एम अरिज ने शोध को चाय-बागान समुदायों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में देशभर के शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ और सामाजिक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए है।