शहर की सूरत सुधारने के लिए एसएसपी वैभव कृष्ण के आदेश पर लगातार ऑपरेशन क्लीन अभियान चल रहा है, लेकिन हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। अवैध पार्किंग, अतिक्रमण से निपटने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। अवैध पार्किंग का जाल शहर की सड़कों पर नासूर की तरह फैलता जा रहा है। अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से निपटने के दावों में कितना दम है, यह जानने के लिए अमर उजाला टीम ने सड़कों का जायजा लिया। पेश है रिपोर्ट...
स्थान: सेक्टर-18 बाजार
जाम लगा वसूलते रहे पैसा
सेक्टर-18 बाजार की सड़कों को अवैध पार्किंग से मुक्त कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों के पहियों में क्लैंप लगाने का अभियान चलाया हुआ है। लगातार घोषणा भी कराई जा रही है, लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखा। पार्किंग ठेकेदार के कारिंदे पुलिस चौकी की नाक के नीचे सड़क पर जाम लगा वाहन चालकों से पार्किंग शुल्क वसूलते दिखे। जबकि बाजार की सड़कों पर महज 1341 वाहन ही खड़े कराए जा सकते हैं।
स्थान: अट्टा अंडरपास
सड़क पार्किंग में तब्दील
अवैध पार्किंग ने शहर के सबसे व्यस्त मार्ग के हालात बिगाड़कर रख दिए हैं। कुछ ऐसा ही हाल अट्टा अंडरपास के ऊपर विनायक अस्पताल तक दिखाई दिया। एक तरफ फुटपाथ पर ग्रिल लगाने का काम यातायात प्रभावित कर रहा है, दूसरी तरफ सड़क किनारे वाहन खड़े कराकर शुल्क वसूली की जा रही है। सड़क वाहनों की बंधक बनी थी और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। यहां बीते सोमवार को ऑपरेशन क्लीन-2 अभियान चला था।
स्थान: ग्रेनो एक्सप्रेसवे
फिर नियम तोड़ रही बसें
ऑपरेशन क्लीन अभियान के तहत दो दिन पहले फुटकर सवारियां ढो रही टूरिस्ट परमिट की 70 से ज्यादा बसों को जब्त किया गया था। इन बसों को बॉर्डर से ही वापस दिल्ली भेजने के आदेश हैं, लेकिन रविवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते ये बसें बेरोकटोक दौड़ती नजर आईं।
अट्टा मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सीबी झा ने कहा कि पुलिस-प्राधिकरण नहीं चाहता कि अतिक्रमण खत्म हो। सड़क पर फैले अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर कोई ध्यान नहीं है जबकि पुराने पटरी वालों को परेशान किया जा रहा है। इसका हम विरोध करेंगे।
अट्टा दैनिक व्यापार एसोसिएशन बटेश्वर मिश्रा ने कहा कि प्राधिकरण ने वेंडर जोन पॉलिसी बना दी है, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा रहा है। पटरी दुकानदारों को पहले जगह दी जाए, इसके बाद इन्हें हटाया जाना चाहिए। पुलिस की कार्रवाई उचित नहीं है।