डॉक्टरों की तीन दिन से चल रही हड़ताल के कारण मंगलवार को भी मरीज दर-दर भटकते दिखायी दिए। उधर, मंगलवार को सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने भी सांकेतिक विरोध दर्ज कराया।
दोनों अस्पतालों के चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। प्रांतीय चिकित्सा एवं सेवा संघ के अध्यक्ष डा. अजेय अग्रवाल ने कहा कि मांगें नहीं मानीं गईं तो छह मार्च से सरकारी अस्पतालों की भी ओपीडी सुबह आठ से दस दो घंटे के लिए बंद रखी जाएगी।
सभी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक की ओपीडी बंद होने से दूर दराज से आए मरीज बिना इलाज के लौट गए। उधर, कानपुर में जूनियर डॉक्टरों से मारपीट का मामला उग्र रूप लेता दिख रहा है।
आईएमए के आंदोलन में अब सरकारी अस्पताल, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और डेंटल डिपार्टमेंट के चिकित्सक भी शामिल हो गए हैं। टीएचए में मंगलवार को भी अधिकतर निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही।
डाक्टर काली पट्टी बांधकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन कोई काम नहीं किया। शाम को टीएचए से सैकड़ों डाक्टर घटना के विरोध में दिल्ली में आयोजित रैली में पहुंचे।