छह नवंबर को होने वाले गंगा स्नान के चलते एनएच 24 पर भारी वाहनों का संचालन रोक दिया गया है। इससे बसों-ट्रकों को मेरठ-बुलंदशहर के रास्तों से होकर निकाला जाएगा।
मुरादाबाद-लखनऊ की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबा सफर तय करना होगा। बसों में सफर करने वाले को ज्यादा किराया भी चुकाना पड़ेगा।
उधर गढ़ गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं पर रूट डायवर्जन लागू नहीं होगा। श्रद्धालुओं के वाहनों को गढ़ तक सीधे जाने की अनुमति होगी।
गंगा मेले के चलते एनएच 24 पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। ट्रैक्टर-ट्राली और भैंसा-बुग्गी, घोड़ा गाड़ी रूट पर चल रहे हैं। इसके चलते प्रशासन ने भारी वाहनों का संचालन इस मार्ग पर रोक दिया है।
बसें पहुंचाएंगी गंगा मेले तक
एआरएक कार्मिक अतुल श्रोती ने बताया कि गढ़ गंगा स्नान के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन किया गया है। यह बसें सीधे गढ़ तक जाएंगी। दिन-रात यह सेवा चालू रहेगी।
लखनऊ की बसें बुलंदशहर से होकर जाएंगी
उधर लखनऊ-बरेली जाने वाली बसों को बुलंदशहर-संभल होकर बरेली के रास्ते निकाला जाएगा। जबकि मुरादाबाद होकर जाने वाली बसों को मेरठ-बिजनौर होकर निकाला जाएगा।
इन रूट पर बसों को 35-40 किमी का अतिरिक्त सफर करना होगा। इसके लिए यात्रियों को 15-25 रुपये प्रति यात्री वन साइड ज्यादा चुकाने होंगे।
गंगा स्नान को जाने वालों के लिए बढ़ाए ट्रेनों के स्टॉपेज
गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने गढ़ में कई ट्रेनों के स्टॉपेज दिए हैं। रेलवे ने गाजियाबाद-हापुड़ के बीच चलने वाली शटल को भी गढ़ तक चलाया जा रहा है।
स्नानार्थियों की सहूलियत के लिए यह नई व्यवस्था पूरे गंगा मेले के दौरान रहेगी। मुरादाबाद और दिल्ली की ओर से गुजरने वाली ट्रेनें दो मिनट के लिए गढ़ स्टेशन पर रुकेंगी।
गाजियाबाद के स्टेशन अधीक्षक लियाकत अली ने बताया कि गाजियाबाद से हापुड़ के बीच चलने वाली ट्रेन को भी गंगा स्नान मेले के चलते दिल्ली से गढ़ तक चलाया जा रहा है। प्रतिदिन पौने तीन बजे यह ट्रेन गाजियाबाद से गढ़ के लिए रवाना होगी।