दिल्ली में बृहस्पतिवार को अरविंद केजरीवाल को विधान सभा में बहुमत मिलने से आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता और बढ़ गई। गौतमबुद्धनगर में इसकी सदस्यता लेने की होड़ मची हुई है। लेकिन पार्टी ने एक रेखा खींच दी है कि उनके यहां बुझे हुए कारतूसों की जरूरत नहीं है।
इकाई के प्रवक्ता अनूप खन्ना ने बताया कि दिसंबर 2013 तक हजारों लोगों ने सदस्यता ली है। भारी मांग के चलते रसीद ही खत्म हो गईं। चूंकि पार्टी ने सदस्यता प्रोफार्मा बदल दिया है। इसलिए फिलहाल सदस्यता पर्ची नहीं काटी जा रही है। नए पर्ची आ जाने के बाद ही सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पार्टी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि जो भी आप का साथी बनना चाहता है, वह पहले चार माह तक काम करे, इसके बाद ही देखा जाएगा कि कार्यकर्ता में कितना जुझारूपन है और उसकी सक्रियता काम आएगी कि नहीं। साथ ही यह भी स्पष्ट है कि पार्टी बुझे हुए मोहरों को वरीयता नहीं देगी।
अनूप ने बताया कि पार्टी नोएडा समेत आसपास में विशेष ध्यान दे रही है। नए सदस्यों के लिए जो चार माह का समय दिया गया, उस दौरान पार्टी गोपनीय तरीके ही जांच करेगी। यह भी पता लगाएगी कि कहीं कोई सदस्य झूठी सूचना देकर पार्टी का सदस्य तो नहीं बन गया है।
विशेषकर पार्टी उन लोगों को ज्यादा बनाना पसंद करेगी जो बुद्धिजीवी, स्वच्छ छवि, लोगों के हकों की आवाज उठाने वाले, लालची न होना, पिछला रिकॉर्ड अच्छा, युवा हो और सहनशीलता और संगठनात्मक क्षमता जैसे गुण होने चाहिए।
दलबदलू को जगह नहीं
पार्टी के सूत्रों ने यह भी बताया कि ऐसे-ऐसे लोग लोक सभा के टिकट की मांग कर रहे हैं जो क्षेत्र से चुनाव भी लड़ चुकेहैं, उनकी छवि भी अच्छी नहीं है। कभी इस पाले में तो कभी उस पाले में। ऐसे लोगों से पार्टी दूर ही रहेगी।