ऑनलाइन कसीनो के सरगना के पकड़े जाते ही इस धंधे से जुड़े लोग भूमिगत हो गए हैं। पकड़े गए सटोरियोें ने पुलिस को शहर में चल रहे सट्टा बाजार और दिल्ली में बैठे बड़े कारोबारियों की जानकारी है।
पुलिस इस धंधे से जुड़े अन्य खिलाड़ियों की धर पकड़ के लिए सरगर्मी से जुटी है। पुलिस पांच सट्टा कारोबारियों को रिमांड में लेकर पूछताछ कर रही है।
शुक्रवार को ऑनलाइन कसीनो संचालन के सरगना अशोक अरोड़ा के गिरफ्तार होते ही उसके मातहतों ने अन्य कारोबारियों को चेतावनी देने के लिए लाइन ड्रॉप कर दी थी। अचानक लाइन ड्रॉप होने से कारोबार बाधित होने पर सट्टा कारोबारियों ने एक-दूसरे को फोन कर कारण जानना शुरू का दिया।
हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी को छिपाने का प्रयास किया, लेकिन सट्टा कारोबारियों को इसकी जानकारी दो घ्ंाटे के अंदर हो गई। सरगना के पकड़े जाने की जानकारी होते ही सभी दुकानें बंद कर इधर-उधर हो लिए।
बड़ी हस्तियों को पकड़ने के लिए टीम रवाना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन कारोबारियों का एक-दूसरे को फोन करना ही उसके के लिए फायदेमंद साबित हुआ। पुलिस के रडार पर शहर के लगभग 70 सट्टा कारोबारी आ गए हैं। भूमिगत हो चुके इन सट्टा कारोबारियों तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस जुटी है।
उधर रिमांड पर लिए गए सरगना अशोक अरोड़ा, बग्गा गेस्ट हाउस से कारोबार चलाने वाले अनिल कुमार, अंकुश, रचित और सूरज ने पुलिस को सट्टा बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रिमांड पर लिए गए लोगों ने दिल्ली में बैठी कारोबार की बड़ी हस्तियों की जानकारी दी है। इन्हें पकड़ने के लिए एक टीम रविवार को दिल्ली रवाना हुई, जबकि तीन टीमें शहर के सटोरियों की तलाश में जुटी हैं।
खादी और खाकी का कॉकटेल
शहर में बुरी तरह से जड़ें जमा चुके सट्टाबाजार के पनपने और फलने-फूलने में खादी और खाकी के गठजोड़ का सहयोग रहा है। यह कहना है आरटीआई कार्यकर्ता केएल गेरा का।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर मेें करीब सत्तर ऑनलाइन कसीनो बाजार हैं। एक बाजार से प्रतिमाह औसतन बारह लाख रुपये की कमाई होती है।
8.40 करोड़ रुपये प्रतिमाह के अवैध कारोबार की जानकारी पुलिस को न हो, ऐसा नहीं हो सकता। वह बताते हैं कि पूर्व सीपी एएस चावला के कार्यकाल में सट्टाबाजार को बंद कराने के कई आंदोलन हुए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
अभी भी चल रहा है कारोबार
अचानक क्या हुआ कि नए सीपी के आते ही सट्टा कारोबारी पकड़ लिए गए। जिले में 18 थाने और 38 पुलिस चौकियां हैं, लेकिन कोई सट्टा नहीं पकड़ता। बिना हींग फिटकरी चोखे रंग वाले इस धंधे में खादी भी लिप्त है।
सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद कसीनो कारोबारियों ने कई खद्दरधारियों से संपर्क कर सिफारिश करने की गुजारिश की। कई खद्दरधारियों ने पुलिसकर्मियों से संपर्क भी साधा।
ऑनलाइन कसीनो के बाजार भले ही बंद हो गए हों, लेकिन अभी भी सट्टेबाजी का कारोबार लैपटॉप, मोबाइल और टैब पर जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन खिलाड़ियों के पास ऑनलाइन कार्ड नंबर और पासवर्ड हैं, वह इस खेल को मोबाइल उपकरणों से खेल रहे हैं।