प्याज की बढ़ती कीमतों पर मेवात का प्याज आने के बाद अंकुश लग सकता है। अभी मेवात के प्याज के मंडी में आने में करीब एक माह का समय है। प्याज की खेती करने के लिए मेवात को हरियाणा का नासिक कहा जाता है। फिलहाल प्याज का यहां भी संकट है।
इस समय दिल्ली एनसीआर व इससे लगते प्रदेशों में प्याज के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। शनिवार को बाजार में फुटकर विक्रेताओं के यहां प्याज 80 रुपये प्रति किलो रहा।
सब्जी विक्रेता गुलशन गुलाटी, नफीस अहमद, शकील अहमद, शेखर जैन, बिसराम सैनी आदि ने बताया कि वह इस समय बाहरी मंडियों से आ रही प्याज को यहां की मंडियों में बेच रहें हैं।
सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि मेवात में प्याज की फसल पकने में अभी समय लगेगा। इसलिए बाहरी मंडियों से उन्हें महंगे दामों में प्याज लाकर बेचना पड रहा है। मेवात में प्याज की पैदावारी शुरु होते ही इसके बढ़ते दाम कम होने की संभावना है।
क्षेत्र के किसान हाजी सिरदार खां, दीन मोहम्मद, लमीचंद, दलीप पटेल, असरुद्दीन, रफीक अहमद आदि ने बताया कि प्याज के दामों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए उन्होंने भी इसमें अच्छा मुनाफा देखते हुए प्याज की खेती की है।
उन्हें उमीद है कि अगर मौसम अनुकूल रहा तो एक महीने बाद मेवात की कच्ची व हरी प्याज मंडियों में जाने के लिए तैयार हो जाएगी।
प्याज की खेती के लिए दी जा रही है सब्सिड़ी
सरकार द्वारा प्याज के दामों में बढ़ोतरी को देखते हुए मेवात के किसानों को प्याज की अधिक से अधिक खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए बागवानी विभाग द्वारा किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से छह हजार रुपये की सब्स़िी प्याज की खेती के लिए दी जा रही है।
बागवानी विभाग के जिला अधिकारी मदनलाल ने बताया कि मेवात के किसानों को प्याज की गंठी के बीज की खरीद पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसके लिए पक्का बिल व फार्म भरना अनिवार्य है।