उपराज्यपाल नजीब जंग ने आलू-प्याज की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए
बुधवार को समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद आलू-प्याज की कीमतों पर अंकुश का
फार्मूला जारी किया है।
बैठक में अधिकारियों ने बताया है कि आलू-प्याज की
कीमतों में ज्यादा वृद्धि नहीं हुई है। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को दरों
पर अंकुश लगाने के लिए हर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देने के साथ 19 जून
को फिर से आलू-प्याज कीमतों की समीक्षा बैठक बुलाई है।
उपराज्यपाल ने नैफेड को दिल्ली सरकार की तरफ से प्याज खरीदने के निर्देश दिए हैं। आलू खरीदने की संभावना तलाशने को भी कहा है।
मोबाइल वैन से होगी आलू-प्याज की बिक्री
सफल को स्टॉक दोगुना करने के निर्देश दिए हैं। अभी 300 केन्द्रों 120
मैट्रिक टन प्याज की बिक्री कर रहा है। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड को 60-70
मोबाइल वैन पर किफायती दरों में आलू-प्याज की बिक्री करने के निर्देश दिए
हैं।
उपराज्यपाल सचिवालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जमाखोरों
पर सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं अनिवार्य वस्तु
अधिनियम, 1955 के तहत आवश्यक नियंत्रण का आदेश जारी करने के लिए केन्द्रीय
उपभोक्ता मामले मंत्रालय से संपर्क करने की बात भी बैठक में कही गई है।
विशेष
पुलिस आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने में
दिल्ली सरकार की सहायता करें। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड को दैनिक विज्ञापन
देकर आलू-प्याज की दरों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए
हैं।
फल-सब्जी की बिक्री से सरकारी नियंत्रण हटेगा!
दिल्ली कृषि
उत्पाद एवं विपणन नियंत्रण अधिनियम 1998 की धारा 3 के अंतर्गत खराब होने
वाली वस्तुओं के नियंत्रण को हटाने की अधिसूचना जल्द जारी करने की तैयारी
दिल्ली सरकार ने शुरू कर दी है।
मंडी से जुड़े जानकारों का कहना है कि ऐसा
करने से किसान पर सरकारी मंडी में लाकर सामान बेचने की पाबंदी खत्म हो
जाएगी। हालांकि इससे सरकार को टैक्स चोरी की मार झेलनी पड़ सकती है।