इकोटेक फर्स्ट कोतवाली क्षेत्र के वैदपुरा गांव में बृहस्पतिवार रात करीब दस बदमाशों ने तीन घरों में दस लाख की डकैती डाली जबकि दिन निकलने की वजह से एक घर में घटना को अंजाम देने में असफल रहे। बदमाशों ने बच्चों को भी नहीं बख्शा। उन्हें डरा धमकाकर और बंधक बनाकर घटना को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस मामलों को चोरी में दर्ज कर घटना की जांच कर रही है।
बच्चों को बनाया बंधक
वैदपुरा गांव निवासी रवींद्र नागर दूध का व्यवसाय करते हैं। उनका एक मकान गांव के अंदर है, जहां पर वह अपने परिवार के साथ रहते हैं। दूसरा मकान गांव के मेन रोड पर है, जहां मवेशी बंधे हैं। बृहस्पतिवार रात आठ बजे वह पत्नी के साथ गाय का दूध निकालने गए थे, तब बच्चे घर में ही सो रहे थे, तभी करीब दस नकाबपोश बदमाश हथियार लेकर चुपचाप पहुंचे।
उन्होंने घर में मौजूद रवींद्र के बच्चों अंकुर, टीना और ज्योति को पहले डराया धमकाया। उन्होंने बच्चों को बंदूक दिखाकर कहा कि चुप रहना नहीं तो गोली मार देंगे। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और घर में रखा 17 तोला सोना, आधा किलो चांदी और तीन लाख रुपये लेकर भाग गए।
शादी का सामान किया साफबदमाशों ने अपना अगला निशाना वैदपुरा गांव में ही रह रहे देवीराम के घर को बनाया। बदमाशों ने दीवार फांदकर घर में सो रहे लोगों के कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। उसके बाद पांच तोला सोना, एक किलो चांदी और बीस हजार रुपये लेकर फरार हो गए। पीड़ित देवीराम ने बताया कि नगदी और आभूषण उन्होंने अपनी भांजी की शादी में देने के लिए रखे थे।
हजारों रुपये लूटेइसके बाद बदमाशों ने गांव के ही सुदेश के घर को निशाना बनाया। वहां से बदमाशों ने हजारों रुपये की नगदी लूट ली, जबकि गांव से थोड़ी दूर पर छिद्दा के घर में भी बदमाशों ने डकैती डालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अंधेरा थोड़ा छंट चुका था, जिससे बदमाश सफल नहीं हो सके। वे घटना को अंजाम दिए बगैर ही भाग निकले।
चौथे घर में भी वारदात अंजाम को देने की कोशिशपीड़ितों द्वारा मामले में चोरी की शिकायत मिली है। इसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच हो रही है।