नोएडा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में तीन कश्मीरी छात्रों की पिटाई का मामला अब राजनीतिक रंग में रंगने लगा है। मामले को राजनीतिक रुख देने का काम किया है जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने।
छात्रों की पिटाई से नाराज उमर अब्दुल्ला ने एक ओर जहां इसे यूपी की अखिलेश यादव सरकार की नाकामी करार दिया तो वहीं दूसरी ओर इस मामले में बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को भी घसीटने की कोशिश की है।
उमर अब्दुल्ला के बयान से यह स्पष्ट होता है कि उनका निशाना सीधे नरेंद्र मोदी पर ही है।
पाक विरोधी नारा न लगाने पर पिटाई
उधर, कश्मीरी छात्रों से पाकिस्तान विरोधी नारे लगवाने के मामले में सोमवार को जम्मू-कश्मीर के एडिशनल रेजिडेंट कमिश्नर ने छात्रों से मुलाकात की।
उन्होंने यूनिवर्सिटी को कुछ हिदायतें दीं और छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिया। उधर, पुलिस ने कश्मीरी और स्थानीय छात्रों को अलग-अलग हॉस्टलों में शिफ्ट कर दिया है। साथ ही यूनिवर्सिटी के दो छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा के पाई सेक्टर स्थित एक हॉस्टल में रहने वाले कश्मीरी और स्थानीय छात्रों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि स्थानीय छात्रों ने पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के खिलाफ उनके साथ मारपीट की और जबरन पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगवाए।
यूनिवर्सिटी को अब्दुल्ला की चेतावनी!
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के निर्देश पर जम्मू-कश्मीर के एडिशनल रेजिडेंट कमिश्नर योगेश झा सोमवार को ग्रेनो आए। उन्होंने कश्मीरी छात्रों से बात की और पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।
इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात की और कहा कि भविष्य में ऐसी कोई समस्या छात्रों के सामने न आए। हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भरोसा दिया कि अभी कश्मीरी छात्रों को पैराडाइज हॉस्टल में पुलिस सुरक्षा के तहत रखा गया है।
कमिश्नर ने छात्रों को भी हिदायत दी कि उनकी ओर से किसी मामले पर कोई टिप्पणी न की जाए, जिससे कोई विवाद हो।
ट्विटर के जरिए मोदी पर निशाना
इस पूरे मामले में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कुछ अंध राष्ट्रीयता और अल्ट्रा राष्ट्रवादी रवैया वाले लोगों के इशारे पर कश्मीरी लड़कों के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह बहुत ही घातक ट्रेंड बनने जा रहा है और यह इस बात का सूचक है कि हम बहुत गलत समय में प्रवेश कर चुके हैं।
ग्रेटर नोएडा में पहले भी हुआ विवाद
पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुस्तान के खिलाफ नारेबाजी को लेकर ग्रेटर नोएडा में पहले भी छात्रों के दो पक्ष आपस में भिड़ चुके हैं।
उस समय भी एक यूनिवर्सिटी में दोनों पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ था और आलम यह था कि यूनिवर्सिटी को एग्जाम के दौरान छुट्टी करनी पड़ी थी।
इसी तरह का विवाद ग्रेनो के एक अन्य यूनिवर्सिटी में हुआ है। हालांकि पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना को बढ़ने से रोक लिया है।