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'ओलंपिक की दौड़ में नरसिंह ही योग्य, सुशील ने किया पब्लिक के पैसे का दुरुपयोग'

Fri, 03 Jun 2016 01:03 AM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुशील कुमार और नरसिंह
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रियो ओलंपिक के लिए पहलवान नरसिंह यादव का टिकट पक्का नजर आ रहा है। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी नजर में ओलंपिक पदक की दौड़ के लिए नरसिंह ही योग्य है। 
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महासंघ ने हाईकोर्ट को बताया कि हमने यह याचिका दायर करने से पूर्व ही नरसिंह का नाम ओलंपिक के लिए भेज दिया था और कोई विवाद नहीं रह गया।महासंघ ने हाईकोर्ट में यह तर्क रखते हुए बताया कि सुशील ने जार्जिया में भारतीय कैंप को छोड़ जार्जिया के कैंप में शामिल होकर पब्लिक के पैसों का दुरुपयोग किया है।

अदालत ने अब इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष सुनवाई के दौरान सुशील के अधिवक्ता ने सवाल उठाया कि उनके मुवक्किल को मुख्य कोच से ट्रेनिंग दिलवाई गई। उसे जार्जिया पब्लिक के पैसों से ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। 
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यदि वह ओलंपिक के लिए योग्य नहीं था तो ऐसा क्यों किया गया। इसके अलावा वर्तमान में अच्छे फार्म को चेक करने के लिए ट्रायल जरूरी है। महासंघ के अधिवक्ता ने इन सभी तर्कों पर आपत्ति जताते हुए सुशील को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। 
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अदालत ने फैसला सोमवार तक के लिए रखा सुरक्षित

सुशील कुमार और नरसिंह यादव
उन्होंने कहा कि सुशील को जार्जिया ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था, लेकिन वह भारतीय कैंप को छोड़ कर जार्जिया के कैंप में शामिल हो गए और उनके पहलवानों को ट्रेनिंग देने लगा। स्पष्ट है सुशील ने पब्लिक के पैसों का दुरुपयोग किया।

उन्होंने कहा कि रही बात नरसिंह के फॉर्म की तो उसने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता को साबित भी किया है। नरसिंह ने दिसंबर 15 में ही विश्व के नंबर दो पहलवान को हराया है। इसके अलावा हमें अमेरिका, रशिया जैसे देशों की चयन प्रक्रिया की नकल करने की जरूरत नहीं है। हम निर्णय लेने में सक्षम है।

इसी प्रकार सुशील ने जब याचिका भी दायर नहीं की थी उससे पूर्व ही तीन मई को हमने रियो ओलंपिक के लिए नरसिंह का नाम भेज दिया था,ऐसे में यह विवाद उसी समय खत्म हो गया था। वहीं, अदालत ने इस विवाद में अदालत को गुमराह करने का रवैया दिखाने पर उपाध्यक्ष राज सिंह के खिलाफ नोटिस जारी करने का निर्णय किया है।

अदालत ने राज सिंह द्वारा दायर शपथपत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने सुशील की याचिका से पहले ही अपना जवाब दायर कैसे कर दिया। आप को कैसे पता चला कि याचिका दायर होगी। 
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