हौजखास थाना पुलिस ने हत्या व लूटपाट का मामला दर्जकर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो सोसाइटी में काम करने वाले मिस्त्री रामचंद्र के बेटे सन्नी ठाकुर पर संदेह हुआ।
आरोपी का चेहरा सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। लोकल जांच के बाद सन्नी ठाकुर पर संदेह और गहरा गया। गौतमपुरी, बदरपुर निवासी सन्नी ठाकुर से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे पैसे की जरूरत थी। उसे मुजफ्फरपुर, बिहार शादी में जाना था। इसके साथ ही आरोपी गांजे का नशा करता था। वारदात वाले दिन उसने गांजे का नशा कर रखा था।
घटना वाले दिन वृद्घा केघर का मुख्य द्वार खुला हुआ था। वह घर में घुस गया। उसने पहले वृद्घा का मुंह दबाने की कोशिश की। वह सफल नहीं हो पाया तो उसने रस्सी से वद्घा का गला दबा लिया।
जब ऊषा कुमारी बेहोश जैसी हो गई थी तो उसने चाकू से वृद्घा का गला काट दिया। इसके बाद डबल से वद्घा का सिर कुचल दिया। आरोपी का कहना है कि वृद्घा ने उसे पहचान लिया था। अगर वह उषा कुमारी को जिंदा छोड़ देता तो उसकी पहचान हो जाती वह वह पकड़ा जाता।
सोसाइटी में काम करने की वजह से सब जानते है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सन्नी ठाकुर(29) का पिता रामचंद्र गुलमोहर पार्कसोसाइटी में करीब 32 वर्षों से मिस्त्री आदि का सिविल वर्क का काम करता था। रामचंद्र केसाथ सन्नी ठाकुर भी सोसाइटी में आता था।
इस कारण उसे सोसाइटी में सब जानते थे। सन्नी ठाकुर गुलमोहर पार्क सोसाइटी में सेनेटरी व पेंटर का काम करता था। आरोपी केकब्जे से पांच सोने की कड़े, तीन सोने की चेन, दो सोने की अंगूठी, एक जोड़ी कानों के कुंडल, दो चांदी की चेन, एक सोने का छोटा कड़ा व विदेशी मुद्रा बरामद की है।