अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उनकी सरकार ने 9500 से बढ़ाकर 13800 रूप न्यूनतम मजदूरी की। कमेटी में दिल्ली सरकार के नुमांइदों ने मजदूरों के हित की बात की। मंत्री गोपाल राय ने पीछे पड़-पड़कर मजदूरी बढ़वाई।
लेकिन उपराज्यपाल ने उसे मंजूरी नहीं दी। फिर, कमिटी बनाई गयी। दुबारा वही सिफारिशें उपराज्यपाल के पास भेजी। इसके बाद उपराज्यपाल माने। यह सत्ता का घमंड था। इससे 6 महीने खराब हो गये।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप को वोट अमीरों ने नहीं, गरीबों व मजदूरों ने दिया है। आज दिल्ली सरकार पर सिर्फ गरीबों का काम करने का आरोप लगता है। लेकिन इस बार में सरकार को फक्र है।
आप विजय माल्या, नीरव मोदी की पार्टी नहीं है। यह आंदोलन से निकली गरीबों की पार्टी है। इस मौके पर केजरीवाल ने अपने सस्ती बिजली, फ्री पानी, स्कूलों व अस्पतालों में किए गये अपने कामों को गिनाया।
अरविंद केजरीवाल ने माना कि अभी भी सभी मजदूरों को पूरी मजदूरी नही मिल रही है। ठेकेदार हाथ में कम पैसे देकर ज्यादा पर दस्तखत करवा लेता है। अधिकारी भी ठेकेदार से मिले हुये हैं। उन्होंने बताया कि मामला अभी कोर्ट में है।
कोर्ट का फैसला आएगा तो देश को बता दूंगा कैसे काम होता है। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी दी कि वह सुधर जायें। नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार मजदूरों को उनकी मजबूरी से उबारने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर जितने भी निर्माण मजदूर हैं, उनके लिए डीटीसी में फ्री पास का इंतजाम होगा। सरकार इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार में आने के बाद हमने श्रमिक विकास मिशन बनाया था।
सरकारी सेक्टर में न्यूनतम मजदूरी लागू हो चुका है। इसे लागू करवाने में 8 महीने लगे। निजी क्षेत्र में अभी भी मजदूरों का शोषण हो रहा है। उम्मीदन जल्द ही इस पर भी फैसला होगा।