तावडू कस्बे में जितने भी कार्यालय हैं वहां पर शाम के समय आपको कोई अफसर नहीं दिखाई पड़ेगा। शाम होते ही ये अफसर अपने घरों को निकल जाते हैं जिससे क्षेत्रीय लोगों को परेशानी होती है।
बता दें कि शासन प्रशासन की ओर से अधिकारियों को फरमान जारी किया गया है कि रात के समय अधिकारी अपने मुख्यालय पर ही ठहरें इसके बाद भी अधिकारी नहीं ठहरते हैं। उधर, उपायुक्त का कहना है कि अफसरों को हरहाल में रुकना होगा। मुख्यालय छोड़ने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी है।
बता दें कि अधिकांश अधिकारी बाहरी जिलों के हैं जो शाम होने से पूर्व ही अपने जिलों के लिए निकल जाते हैं। इसके बाद कार्यदिवस पर अधिकारी देर से पहुंचते हैं। इससे आमजन के कार्य प्रभावित होते हैं।
जबकि सरकार के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी अधिकारी अपने हैडक्वाटर से नदारद नहीं रहेगा। लेकिन इन निर्देशों का स्थानीय अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखाई पड़ रहा है। अधिकारियों का यह खेल लंबे समय से जारी है।
इस समस्या को लेकर क्षेत्रवासी कई बार प्रशासन से लेकर अपने जनप्रतिनिधियों के समक्ष समस्या रख चुके हैं इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लालचंद आर्य का कहना हैं की वह शीघ्र एक लिखित शिकायत सीएम को सौंपेंगे। इस बारे में मेवात जिला उपायुक्त के एम पांडूरंग का कहना है की इसकी जांच कराकर ऐसा करने वाले अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति लेनी होगी।