आरटीआई की क्या ताकत है शायद इस बात का अंदाजा उन अधिकारियों को हो गया
होगा जो इसके तहत मांगी गई जानकारी देने में कोताही बरतते हैं।
आरटीआई में
मांगी गई जानकारी न देने का परिणाम फरीदाबाद के निगम अधिकारियों को
जुर्माना देकर भुगतन पड़ा। फरीदाबाद के नगर निगम अधिकारियों को आरटीआई का
जवाब न देना भारी पड़ने लगा है।
सिर्फ 50 रुपये की आरटीआई के बदले 2500
रुपये बतौर जुर्माना आरटीआई कार्यकर्ता को नगर निगम ने दिए हैं। कार्यकर्ता
की शिकायत पर राज्य सूचना आयुक्त ने यह कार्रवाई की है।