फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसर ने केजरीवाल को चिट्ठी लिखकर चेताया, समय पर दें वेतन

Tue, 15 Mar 2016 01:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
गंगवार ने लिखी केजरीवाल को चिट्ठी
विज्ञापन
दिल्ली में केजरीवाल सरकार और अफसरों के बीच खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। परिवहन विभाग के पूर्व स्पेशल कमिश्नर कुलदीप सिंह गंगवार ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखकर समय पर वेतन देने की अपील की है। गौरतलब है कि आईएसबीटी में दुकानों के आवंटन को लेकर हुए विवाद के बाद से गंगवार को पिछले अक्टूबर से ही किसी विभाग में नियुक्ति नहीं मिली है।
विज्ञापन


गंगवार से केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने सीएम को बताया है कि उनकी सैलरी समय पर नहीं मिल रही है। अक्टूबर 2015 की सैलरी तो उन्हें पिछले हफ्ते मिली है। बता दें कि गंगवार ने चिट्ठी की एक कॉपी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दिल्ली के एलजी को भी भेजी है।

गंगवार ने अपने पत्र में लिखा है कि, 'मैं पोस्टिंग और तबादले की मांग नहीं कर रहा हूं। सिर्फ एक व्यवस्था बनाने की मांग कर रहा हूं जहां जीएनसीटीडी के कर्मियों को वेतन और भत्ते समय पर मिल सकें। ऐसा सिस्टम होना चाहिए जिससे आगे किसी भी कर्मचारी और उसके परिवार को समय पर वेतन न मिलने पर होने वाली परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार ने उठाए गंगवार की नीयत पर सवाल

Arvind Kejriwal
हालांकि दिल्ली सरकार की इस विषय में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है बल्कि उन्होंने अधिकारी की ही नीयत पर सवाल उठा दिया है। सरकार का कहना है कि चिट्ठी को सार्वजनिक करने के पीछे क्या उद्देश्य है? सरकार इस मामले को देखेगी और विभाग से रिपोर्ट लेगी।

गंगवार के अनुसार उनकी मुलाकात सीएम केजरीवाल से 21 को हुई थी तब दोनों की बात आईएसबीटी के दुकानदारों के ठेके बढ़ाने को लेकर हुई। गंगवार के अनुसार उसी दिन उनका ट्रांसफर कर दिया गया जबकि जीएनसीटीडी की वेबसाइट पर इस बारे में 23 अक्टूबर को सूचना जारी की गई।

गंगवार आगे बताते हैं कि कुछ दिनों बाद उनके पास उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का फोन आया। मनीष ने गंगवार को बताया कि 3 नवंबर 2015 से उन्हें तिहाड़ सेंट्रल जेल के आईजी का पदभार संभालना है। गंगवार ने ड्यूटी के लिए रिपोर्ट किया और दो दिन बाद फिर उनके ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई और तब से अब तक चार महीने हो गए और गंगवार को कोई वेतन नहीं मिला है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें