भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने बुधवार को आईआईटी दिल्ली के छात्रों से संवाद किया। कैरी ने छात्रों के सवालों के जवाब में ओबामा-मोदी की दोस्ती पर चर्चा की साथ ही आतंकवाद पर पाकिस्तान को काम करने की नसीहत दी।
कैरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच संबंध साझा जरूरतों को समझते हुए बने हैं। यह भारत-अमेरिका के बीच ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए है।
हालांकि उन्होंने निजी संबंध भी बनाए हैं, जो किसी लंबे विजन को लेकर हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत की सबसे खास बात हमारा इतिहास है, जो कि असंभव को भी हकीकत में बदल देता है।
मैं भारत में जहां भी जाता हूं, जबर्दस्त चर्चाओं और महत्वाकांक्षा से भरा भविष्य का विजन देखता हूं। यह शायद हर भारतीय के डीएनए में है। वहीं, उन्होंने जीएसटी बिल के पास होने को बेहतर अवसर बताया।
'संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता का मार्ग जटिल'
आईआईटी दिल्ली पहुंचे जॉन कैरी
- फोटो : ani
सुरक्षा अहम मुद्दा, आतंकवाद पर सब मिलकर लड़ें
अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकी पनाहगाहों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए पाकिस्तान को काम करना बाकी है। दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद को लेकर कहा कि सुरक्षा अभी भी सबसे अहम मुद्दा है। आतंकवादियों और उग्रवाद से कोई भी देश अकेले नहीं जीत सकता है, बल्कि दुनियाभर के देशों को एक साथ मिलकर लड़ने की जरूरत है।
जाति और नस्ल को छोड़ मिले समान अधिकार
कैरी ने कहा कि जाति और नस्ल का भेदभाव किए बिना हमें सभी नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करते हुए सभी को समान अधिकार देने चाहिए। आवाज को दबाने के बजाय शांति से प्रदर्शन की अनुमति देनी होगी। ध्रुवीकरण कहीं भी हो, अच्छा नहीं होता। यह असहिष्णुता और शासन के प्रति हताशा को दर्शाता है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता का मार्ग जटिल
छात्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता पर सवाल किया तो कैरी ने कहा कि इसके लिए रास्ता तो है लेकिन मुश्किल।
दक्षिण चीन सागर के सवाल के जवाब कहा- सैनिक समाधान नहीं हो सकता
आईआईटी दिल्ली पहुंचे जॉन कैरी
वहीं, दक्षिण चीन सागर के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसका सैनिक समाधान नहीं हो सकता, लेकिन हम अपने सहयोगियों का साथ देते रहेंगे। कैरी ने माना कि भारत स्थापित ताकत है।
भारत में कंप्यूटर साइंस के छात्र मेधावी
नीले रंग का सूट पहनकर आए कैरी ने छात्रों से संवाद में उनकी प्रतिक्रिया, शैक्षणिक शुल्क, पेटेंट व्यवस्था पर भी बात की। कैरी ने छात्रों से सवाल किया कि वे भारत में नौकरी करेंगे या विदेश जाना है? उन्होंने कहा कि भारत में कंप्यूटर साइंस के छात्र इतने मेधावी हैं कि यहां के कॉलेजों में दाखिला नहीं मिलने के बाद उन्हें एमआईटी एकदम दाखिला दे देता है।
एप्लाइड माइक्रोबॉयोलॉजी और बॉयो-प्रोसेस प्रयोगशाला का दौरा करके शोध की जानकारी लेने के बाद उन्होंने पानी साफ करने के लिए जैव ईंधन बनाने के लिए शैवाल का प्रयोग करने और जैव तरीके से नष्ट किए जा सकने वाले प्लास्टिक पर शोध परियोजना को देखने के बाद बहुत रोमांचकारी और उत्कृष्ट जैसे शब्दों के जरिये छात्रों की सराहना की।