बिहार के मोतिहारी में रहने वाले 51 साल के विरेंद्र सहानी दो माह से एम्स में इलाज करवा रहे थे। यहां जांच के दौरान उनकी पेट में तिल्ली (स्प्लीन) बढ़ी हुई पाई गई। जांच के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी के लिए सुझाव दिया। सर्जरी के लिए एक साथ दो यूनिट एसडीपी की जरूरत थी।
प्लेटलेट्स के अभाव में सर्जरी के लिए दो सप्ताह से एम्स में इंतजार कर रहे मरीज की मदद के लिए नर्सिंग स्टाफ आगे आया। मरीज को परिजनों से सहयोग न मिलने पर नर्सिंग स्टाफ ने विशेष अभियान चलाकर उनके लिए दो यूनिट एकल दाता प्लेटलेट्स (एसडीपी) एकत्रित की। अब मरीज की सर्जरी मंगलवार को हो सकेगी।
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बिहार के मोतिहारी में रहने वाले 51 साल के विरेंद्र सहानी दो माह से एम्स में इलाज करवा रहे थे। यहां जांच के दौरान उनकी पेट में तिल्ली (स्प्लीन) बढ़ी हुई पाई गई। जांच के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी के लिए सुझाव दिया। सर्जरी के लिए एक साथ दो यूनिट एसडीपी की जरूरत थी। मरीज अपने स्तर पर इसकी व्यवस्था नहीं कर पा रहा था। ऐसे में दो सप्ताह से सर्जरी के लिए इंतजार करना पड़ा। मरीज की पत्नी रेखा ने बताया कि उनको परेशान देखकर नर्सिंग अधिकारी कनिष्क यादव ने अभियान चलाया।
अभियान चलाने के बाद एम्स से शशिकांत और सफदरजंग से देवी सिंह नर्सिंग अधिकारी एसडीपी देने के लिए आगे आए। इनके अलावा दिव्या, गणेश, धर्म, मांगीलाल और भगवान नाम के पांच स्वास्थ्य कर्मी और कैलाश नाम के पुलिस कर्मी भी दान करने के लिए आए।
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हालांकि, मरीज की जरूरत पूरी हो गई थी। डॉक्टरों की माने तो सोमवार को भी एसडीपी न मिलता तो सर्जरी के लिए इंतजार और बढ़ जाता। इसके अलावा दोनों यूनिट एक साथ ही देना था। यदि इसे अलग-अलग लेते तो एक यूनिट को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता। नर्सिंग स्टाफ के अभियान के कारण मरीज की सर्जरी मंगलवार को हो सकेगी।