दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुराने ई-रिक्शा को तय मानकों के तहत रेट्रोफिटमेंट (रिडिजाइन) कराने पर आने वाले खर्च 30 हजार रुपये की सब्सिडी देगी। अभी तक यह 15 हजार रुपये ही मिलता था।
बुधवार को छत्रसाल स्टेडियम में सरकार की ओर से आयोजित ई-रिक्शा संवाद कार्यक्रम में केजरीवाल ने यह घोषणा की। पुराने ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन के लिए 9 मार्च को एक स्पेशल कैंप भी लगाया जाएगा।
इस मौके पर पहले ही पुराने ई-रिक्शा का रेट्रोफिटमेंट करा चुके तीन हजार लोगों को 15-15 हजार रुपये का सब्सिडी चेक दिया गया।
केजरीवाल ने ई-रिक्शा चालकों को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी गरीबों की सरकार है। हम वैसे नहीं की वोट लेने गरीबों के पास जाएं चुनाव जीतने के बाद अडानी और अंबानी को याद करें।
आज हमने एक और वादे को पूरा किया है
आज हमने चुनाव से पहले किए अपने एक और वादे को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी दिल्ली में कम संख्या में पुराने ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन हो रहा है।
इसके पीछे के कारण का पता लगाया तो मालूम हुआ की नए मानकों के तहत रेट्रोफिटमेंट के लिए 30 हजार का खर्च आता है। हम सिर्फ 15 हजार रुपये दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैने तुरंत परिवहन मंत्री से कहा कि सभी को 30 हजार रुपये दिए जाएं। उन्होंने चालकों से अपील की वह अपने क्षेत्र में दूसरे सभी पुराने ई-रिक्शा चालकों को यह जानकारी दें।
पुराने ई-रिक्शा का एक दिन में रजिस्ट्रेशन
स्पेशल कैंप भी लगाया जाएगा जिससे पुराने ई-रिक्शा का एक दिन में रजिस्ट्रेशन कराया जा सके। उन्होंने इस मौकेपर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ करते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन की तिथि बढ़ाने के लिए जितनी बार उन्हें लिखा गया उतनी बार मंजूरी मिली। परिवहन मंत्री गोपाल राय ने बताया कि अभी तक जिन्होंने रेट्रोफिटमेंट करा लिया है उन्हें 15 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
ई-रिक्शा संवाद कार्यक्रम में केजरीवाल के भाषण के दौरान बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक अपनी शिकायतें लेकर कागज हवा में लहराने लगे। केजरीवाल ने उन्हें पहले तो मंच पर आकर शिकायत देने के लिए कहा। मगर यह सुनते ही बड़ी संख्या में लोग मंच की तरफ जाने की कोशिश करने लगे।
यह देख केजरीवाल ने मौके की नजाकत को संभालते हुए उन्हें अपने निवास पर सुबह दस बजे जनता दरबार में शिकायतें लेकर आने के लिए कहा। इसमें सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई, रजिस्ट्रेशन में दिक्कत और ई-रिक्शा स्टैंड की मांग थी।