‘भगवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के एकाउंट में 2 करोड़ की रकम कोलकाता के एक शेयर ट्रेडर के चेक के माध्यम से ट्रांसफर हुई थी। शेयर ट्रेडर को 2 करोड़ रुपये नगद देकर यह चेक हासिल किए गए थे। इसके बाद शेयर ट्रेडर को 0.2 प्रतिशत का कमीशन मिला था।’
कोलकाता के शेयर ट्रेडर अमित डालमिया ने यह बात सीबीआई विशेष न्यायाधीश जी. श्रीदेवी की कोर्ट में दो दिन पूर्व दर्ज कराए गए अपने बयानों में कही।
भगवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट पूर्व कैबिनेट मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के पिता के नाम पर है। कोर्ट की इस कार्यवाही के दौरान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा भी कोर्ट में उपस्थित रहे।
अमित डालमिया ने बताया कि उनकी कंपनी फाइनेंस और शेयर का काम करती थी। मैसर्स ख्याति मर्चेंट के डायरेक्टर उसके पिता जयप्रकाश डालमिया थे। उनकी कंपनी कैश के बदले भी चेक देती थी।
इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। 29 जुलाई 2011 को 25 लाख, 20 लाख और 30 लाख के चेक उसके पिता जयप्रकाश डालमिया ने जारी किए।
कुल मिलाकर यह 75 लाख रुपया उनके ख्याति मर्चेंट प्रा.लि. के एकाउंट से भगवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के एकाउंट में क्रेडिट हुए थे।
गवाह ने बताया कि इसके अलावा अमित चंदा जोकि अप्सरा कोमोडिल प्रा. लि. और वृंदावन मार्केटिंग प्रा. लि. डायरेक्टर थे ने भी 25 लाख, 35 लाख, 40 लाख और 25 लाख के चार चेक के माध्यम से 1.25 करोड़ की रकम भगवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के एकाउंट में ट्रांसफर की थी।
गवाह ने बताया कि इस दो करोड़ के कैश को चेक के माध्यम से भगवत प्रसाद एजूकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के एकाउंट में ट्रांसफर किए जाने के लिए उसकी अनंत कुमार नामक व्यक्ति से बात हुई थी।
शुक्रवार को कोर्ट में पेश हुए इस गवाह से कुशवाहा के अधिवक्ता ने जिरह की। मामले की सुनवाई केलिए कोर्ट ने अब 14 दिसंबर नियत की है।