दिल्ली से मेरठ तक करीब 90 किलोमीटर की रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरीडोर परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद दूसरे चरण यानी दिल्ली से अलवर तक आरआरटीएस कॉरीडोर का भी खाका तैयार कर लिया गया है।
दिल्ली से गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए अलवर तक 180.5 किलोमीटर लंबे कॉरीडोर का निर्माण किया जाएगा। हालांकि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अभी मंजूर नहीं मिली है। इस रैपिड कॉरीडोर के पूरा होने पर दिल्ली से अलवर तक का सफर महज 104 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। वहीं गुरुग्राम मात्र 30 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
इस कॉरीडोर पर सिग्नल व्यवस्था, टेलीकम्युनिकेशन और किराए आदि के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद होंगी। दिल्ली-अलवर कॉरीडोर की खूबियों को लेकर एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के जरिये शनिवार को भारतीय पर्यावास केंद्र में आरआरटीएस कॉरीडोर के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था।