फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोएडा: अस्थायी तौर पर खोदना खुर्द में डाला जाएगा सेक्टर 123 वाला कूड़ा, किसानों ने किया विरोध

Mon, 25 Jun 2018 11:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द गांव में डंपिग ग्राउंड बनाने पहुंची जेसीबी किसानों ने कुछ देर के लिए अपने कब्जे में लिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नोएडा का कूड़ा अस्थायी तौर पर ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द में डाला जाएगा। इसके लिए खोदना गांव में प्राधिकरण की 7 हेक्टेयर की जमीन चिह्नित की गई है। वहीं जिले में कूड़ा डालने के लिए दूसरे अन्य वैकल्पिक स्थानों के चयन के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी। जो लोगाें से बात कर इस बाबत रिपोर्ट तैयार करेगी। रविवार को जिलाधिकारी बीएन सिंह ने यह बातें कहीं।

विज्ञापन


जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि  जिन गांवों के आसपास कूड़ा डाला जाएगा उनको मॉडल विलेज बनाकर बच्चों के अच्छे स्कूलों में दाखिला और सरकार की सभी योजनाओं को उनमें क्रियान्वित किया जाएगा। साथ ही कंपनियों या अन्य संस्थाओं की मदद से उस गांव के हर घर के एक व्यक्ति को रोजगार दिलाने की कोशिश की जाएगी।

दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नियमों का हवाला देते हुए स्थान चयन की अपील की थी। प्राधिकरण के सीईओ की ओर से जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट के उचित निपटान हेतु जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के नियम-12 के अंतर्गत जिला मजिस्ट्रेट के कर्त्तव्य निहित किए गए हैं।
विज्ञापन


पत्र में इन कर्त्तव्यों को बताते हुए कचरे के निपटान के लिए एक स्थान चयन की अपील जिलाधिकारी से की गई है। इसमें खोदना खुर्द में प्राधिकरण की जमीन का भी जिक्र है। यही वजह है कि पत्र प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने अस्थायी तौर पर खोदना खुर्द में नोएडा का कूड़ा डालने की बात कही है।

कई गांवाें और सेक्टरों में डाला जा सकता है कूड़ा

ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द में डंपिंग ग्राउंड बनाने का विरोध करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
डीएम ने बताया कि यह जरूरी नहीं है कि एक ही गांव के पास कूड़ा डाला जाए। बल्कि सेक्टर या गांव जिस के पास भी जमीन मिलेगी थोड़ा-थोड़ा कूड़ा डाला जा सकता है। इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। अगर कूडे़ को इस समय नहीं डंप किया गया तो जिलेभर के लिए बड़ी परेशानी बन जाएगी। 

एक साल में रिपोर्ट देगी समिति
विकल्प के रूप में कुछ गांवों और सेक्टरों को चयन करने पर योजना बनाई जा रही है। हालांकि  इन जगहों पर कूड़ा डालने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। समिति में जिला प्रशासनिक और प्राधिकरण अधिकारी, पर्यावरणविद, पत्रकार, ग्रामीण, प्रदूषण नियंत्रण विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अलावा शहरवासी और जनप्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। यह समिति एक साल में गांव व शहर में लोगों से बातचीत कर एक रिपोर्ट तैयार करेगी और उसके आधार पर ही यह तय किया जाएगा। जिससे स्थायी रूप से कचरा प्रबंध संयंत्र कहां लगाया जाए। जिससे सेक्टर-123 में चल रहे प्रदर्शन को समाप्त कराया जा सके।

कई माह से हो रहा है डंपिंग ग्राउंड का विरोध
नोएडा में कई माह से सेक्टर-123 में डंपिंग ग्राउंड बनाने को लेकर विवाद चल रहा है और कई बार महिलाओं से लेकर किसान और अन्य ग्रामीण जेल तक जा चुके हैं। मगर लगातार उनकी ओर से विरोध हो रहा है। वहीं फ्लैटों में रहने वाले लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं। 

ठोस योजना पर काम क्यों नहीं करते अधिकारी
 विशेषज्ञों का कहना है कि जब प्राधिकरणों को कूड़ा डंप करने में परेशानी आ रही है तो क्यों न इसे विदेशों की तर्ज पर नष्ट करने और बिजली पैदा करने की योजना पर काम किया जाए। उनका आरोप है कि प्राधिकरण सही दिशा में कदम न उठाकर फौरी तौर पर समाधान करना चाहता है।
विज्ञापन

खोदना खुर्द से किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों को भगाया

ग्रेटर नोएडा के खोदना खुर्द गांव में डंपिग ग्राउंड बनाने पहुंची जेसीबी किसानों ने कुछ देर के लिए अपने कब्जे में लिया - फोटो : अमर उजाला
किसानों ने रविवार को डंपिंग ग्राउंड बनाने के लिए जेसीबी मशीन के साथ खोदना खुर्द पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते और अधिकारियों को मौके से भगा दिया। उन्होंने जेसीबी मशीन में आग लगाने की कोशिश की, साथ ही अधिकारियों को दोबारा नहीं आने की चेतावनी दी।

स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। इसके बाद गांव में ग्रामीणों ने पंचायत की। जिसमें खोदना खुर्द में किसी भी कीमत पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देने की बात की। पंचायत में तिलपता, देवला, खोदना, श्यौराजपुर, खेड़ी भनौता, रोजा जलालपुर के निवासियों ने भाग लिया।

नोएडा के बाद अब ग्रेटर नोएडा के खोदना गांव में डंपिग ग्राउंड बनाने के काम शुरू होते ही रविवार को नाराज ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने प्राधिकरण की टीम को भगा दिया। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर फिर काम चालू करने का प्रयास किया तो अधिकारियों को बंधक बना लिया जाएगा।

उसके बाद खोदना गांव में ग्रामीणों ने पंचायत की। अध्यक्षता प्रधान राजेंद्र नागर और संचालन सुखवीर आर्या ने किया। अखिल भारतीय गुर्जर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र भाटी ने कहा कि नोएडा के कूड़े को ग्रेटर नोएडा के तिलपता, खोदना, देवला के बीच नहीं डालने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि दोबारा प्रयास किया गया तो अधिकारियों को बंधक बना लिया जाएगा। किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि इस लड़ाई को मिलकर लड़ा जाए। राजेंद्र प्रधान ने कहा कि किसी कीमत पर डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने दिया जाएगा।

पंचायत में बिजेंद्र एडवोकेट, एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, वीर सिंह प्रधान, प्रदीप भाटी, भीम प्रधान, चौधरी अजीत तंवर, सूबेदार ब्रह्मपाल, धर्मपाल प्रधान, मामचंद नेताजी, ए के सिंह, अजय चौधरी, मुनेंद्र, करतार नागर, रामकुमार नागर, महेंद्र नागर, अजीत प्रधान समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें