मिलावट माफिया पर रोक लगा पाने में अफसर नाकाम हैं। ज्यादातर खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच में फेल निकल रहे हैं। आटा और सौंफ तो सेहत के लिए अत्यंत खतरनाक श्रेणी में पाए गए हैं।
दूध, मैगी, सेंवई, दलिया, धनिया पाउडर आदि के सैंपल भी जांच में फेल मिले हैं। फूड सेफ्टी विभाग की तरफ से नोटिस जारी किए हैं। सैंपल जून-जुलाई में चलाए गए अभियान में लिए गए थे। शुक्रवार को नगर निगम के पानी के सैंपल भी अनसेफ पाए गए थे।
सबसे ज्यादा गड़बड़ी आटे और सौंफ में मिली है। इन दोनों के सैंपल स्टेट लैब की जांच में अनसेफ (सेहत के लिए घातक) मिले हैं। विक्रेताओं-निर्माताओं को नोटिस जारी कर सैंपल को गहन परीक्षण के लिए भेजा गया है।
सौंफ पर घातक रंग चढ़ाया गया था, जिससे कैंसर होने की आशंका है। वहीं आटे में अत्यंत हानिकारक तत्व और कीड़े मिले हैं। आटे में मिलाए गए रसायन की जानकारी सेंट्रल लैब की जांच मेें हुई है।
उधर, अमूल के दूध का सैंपल भी सब स्टैंडर्ड पाया गया है। हैदराबाद की कंपनी हेरीटेज फूड लिमिटेड का दूध भी सब स्टैंडर्ड पाया गया है।
मैगी के सैंपल पुराने सामान से लिए गए थे, इनमें एस कांटेंट मानक से ज्यादा मिला है। खुर्जा में बनाकर दिल्ली-एनसीआर सहित प्रदेश में सप्लाई किया जा रहा चपाती गोल्ड प्रीमियम आटा भी जांच में फेल मिला है।