सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक बच्चों के सालाना रिपोर्ट कार्ड जारी होते हैं, लेकिन अब 9वीं और 11वीं कक्षा तक के छात्रों का मूल्यांकन भी रिपोर्ट कार्ड से हो सकेगा।
निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा निदेशालय ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। जिले में 15 हजार रिपोर्ट कार्ड मुहैया करा दिए हैं, जो मार्च में मौजूदा शैक्षिक सत्र खत्म होने पर बच्चों को दिए जाएंगे।
इससे अभिभावकों को अब पता चल सकेगा कि उनका बच्चा पढ़ाई में होशियार है या फिर फिसड्डी। रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से बच्चों के पूरे साल का लेखा जोखा उनके अभिभावकों तक पहुंचाया जाएगा।
ताकि बच्चे के शैक्षिक परिणाम के साथ अभिभावकों को उनकी प्रतिभा संबंधी जानकारी भी दी जा सके। रिपोर्ट कार्ड में यूनिट टेस्ट से लेकर बच्चे की हाजिरी तक की जानकारी शामिल होगी।
कार्ड में छात्र के हर सेमेस्टर के अंकों का जिक्र किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल ने बताया कि बच्चों के विकास और शिक्षा में अभिभावकों की विशेष भूमिका होती है। रिपोर्ट कार्ड जारी होने से अभिभावकों को अपने बच्चों का शैक्षिक मूल्यांकन करने में आसानी होगी।