अब पावर एंजेल (शक्ति परी) मनचलों को सबक सिखाएंगी। 1090 वुमन पावर हेल्पलाइन के तहत गाजियाबाद के स्कूल-कॉलेजों में अभियान चलाकर पावर एंजेल बनाई जा रही हैं।
जो छात्राएं पावर एंजेल बनेंगी, उन्हें स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ) का दर्जा दिया जाएगा। उनका आईडी कार्ड भी बनाया जाएगा। शहर में पिछले तीन दिन में 57 पावर एंजेल बनाई जा चुकी हैं।
1090 वुमन पावर हेल्पलाइन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजक्ट है। गाजियाबाद में एसपी क्राइम रामाभिलाष त्रिपाठी को इसका नोडल अफसर बनाया गया है।
महिला थाने की एसएचओ अंजू तेवतिया संपर्क अधिकारी बनाई गई हैं। एसपी क्राइम ने बताया कि छेड़खानी, फेक फोन कॉल्स और अश्लील मैसेज आने जैसी महिलाओं की समस्याओं को पावर एजेंल पुलिस को सूचना देकर उनकी मदद कर सकती हैं।
आरोपियों को पुलिस सलाखों के पीछे पहुंचाएगी। पावर एंजेल के लिए स्कूल-कॉलजों में पढ़ने वाली बहादुर लड़कियों का चयन किया जा रहा है। इसके लिए छात्राओं को सिर्फ एक फार्म भरना होगा।
ऐसे करेंगी काम
एसपी क्राइम ने बताया कि पावर एंजेल स्कूल-कॉलेजों के बाहर, सड़कों पर या ट्रैवल करते हुए अगर किसी को महिला से छेड़खानी करते, परेशान करते या कोई आपराधिक वारदात करते देखती हैं तो तुरंत इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 1090 पर देंगी।
पावर एंजेल का नाम गुप्त रखा जाएगा। पावर एंजेल को सिर्फ इतना कहना होगा कि वह पावर एंजेल बोल रही है, फलां जगह ये घटना हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन लेगी।