पिछले दिनों मैक्स अस्पताल में स्वाइन फ्लू का एक मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है। स्वाइन फ्लू बीमारी के नोडल अधिकारी चरण सिंह ने बताया, ‘इस वर्ष जनवरी से अब तक स्वाइन फ्लू के 12 मामले आ चुके हैं।
समय-समय पर अस्पताल को स्वाइन फ्लू के मामले में निर्देश दिए जाते हैं।’उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर फौरन एच1एन1 रीयल टाइम पीसीआर जांच करानी चाहिए। बलगम जांच के बाद इसका पता चल जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को यदि इस तरह की परेशानी हो तो उन्हें जांच जरूर करवाना चाहिए। हृदय रोगियों और सांस की दिक्कत वाले रोगियों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
लक्षण, बचाव व इलाज
इसके लक्षण भी सामान्य एन्फ्लूएंजा की तरह ही होते हैं। बुखार, तेज ठंड लगना, छाती में दर्द, बलगम ज्यादा आना, सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, सिर में तेज दर्द, खांसी आना, आदि हैं।
बीमार व्यक्ति से दूर रहें। बार-बार हाथों को साबुन से धोएं ताकि वायरस खत्म हो जाए। मरीज के आसपास अथवा अस्पताल जाने पर अपने नाक और मुंह पर हमेशा मास्क लगाकर रखें। जरूरत के अनुसार ही भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं। आशंका होने पर एन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाएं।
लक्षण दिखने के 48 घंटे के अंदर मरीज को एंटी वायरल ड्रग्स दिया जाना चाहिए। इससे न सिर्फ राहत मिलती है बल्कि बीमारी शरीर के अन्य अंगों में फैलने से रुकता है।