दिल्ली में लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक माहौल बनना शुरू हो गया है। वहीं, अब समय से पहले ही विधानसभा चुनाव कराने को लेकर भी सियासत गरमा चुकी है। स्थिति यह है कि इसे लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है।
दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से आप विधायक और पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने ट्विटर पर लिखा है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव समय से पहले कराने की हलचल है। चुनाव आयोग विधानसभा के चुनाव अन्य राज्यों के साथ ही अक्तूबर माह में करा सकता है।
उन्होंने सवाल भी किया है कि क्या चुनाव आयोग चुनी हुई सरकार का कार्यकाल कम करके समय से पहले चुनाव करा सकता है? इस मुद्दे पर शुक्रवार देर रात भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि कब तक अपनी राजनीतिक भड़ास निकालने और खबरों में बने रहने के लिए ऐसे ओछे ट्वीट करोगे? 2015 में 54 फीसदी और 2017 में 26 फीसदी के बाद 2019 फीसदी में मात्र 16 फीसदी ही वोट रह गया है।
यह मत प्रतिशत साफ दिखाता है कि आप अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने सलाह देते हुए लिखा है कि जनता के कार्य करो, वरना 2020 में गायब हो जाओगे। सोशल मीडिया पर इस बहसबाजी के बीच दोनों पार्टी के समर्थक भी उतर आए हैं। देर रात तक 700 से ज्यादा समर्थक विधायक सौरभ भारद्वाज की पोस्ट पर टिप्पणी कर चुके थे।