दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अनूठी पहल शुरु की है। सरकार रविवार से हर घर एक स्कूल, हर अभिभावक एक शिक्षक अभियान शुरु करने जा रही है। इसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए अब अभिभावक शिक्षक बन बच्चों की हैप्पीनेस (खुशी) व मिशन बुनियाद की कक्षाएं घर में ही लेंगे। इस क्लास के लिए प्रतिदिन अभिभावकों को ऑडियो कॉल के माध्यम से पढ़ने लिखने व गणित की गतिविधियां भेजी जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को पेरेंटिंग पर एक लाइव सत्र की अध्यक्षता की। सत्र में लॉकडाउन के बीच घरों को कैसे आकर्षक कक्षाओं में बदलने के महत्व पर चर्चा की गई। रविवार से पहली से आठवीं तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा विभाग की ओर से माता-पिता को ऑडियो कॉल भेजी जाएंगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गतिविधियों को प्री रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश के माध्यम से साझा किया जाएगा कि कैसे अपने घरों में वह हैप्पीनेस क्लास चला सकते हैं।
शिक्षा निदेशक विनय भूषण ने कहा कि अभिभावकों से कह रहे हैं कि अपने बच्चों को रोजाना कुछ पंक्तियां पढ़ाना-लिखाना शुरू करें। गणित की बुनियादी समस्याओं को हल करें। माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए रचनात्मक तरीके अपनाने लगें तो बोरियत से निपटने में मदद होगी। अभिभावक बच्चों के साथ अंताक्षरी खेल उनकी शब्दावली को बढ़ा सकते हैं। उनके विचारों के बारे में बात उन्हें इसे लिखने के लिए कहें। इससे बच्चों के लिए लिखने में मदद मिलेगी।