लॉकडाउन की वजह से ट्रेनों का परिचालन बंद है। 15 अप्रैल से ट्रेनें चलेंगी या नहीं इसे लेकर असमंजस की स्थिति। लॉकडाउन के शुरुआती दो हफ्ते में ही दो लाख से अधिक लोगों ने रेलवे से सवाल पूछे हैं। सबसे अधिक सवाल ट्रेन परिचालन को लेकर ही है।
रेल मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक करीब दो लाख लोगों ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर ट्रेनों से संबंधित जानकारी ली हे। ज्यादा संख्या में आ रहे सवालों को देखते हुए हेल्पलाइन की सुविधा बढ़ाई गई है।
जानकारी जुटाने वाले कंप्यूटरीकृत जानकारी की जगह सीधा कॉल सेंटर कर्मी से बातचीत करना चाह रहे हैं। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार हेल्पलाइन नंबर पर सबसे अधिक सवाल ट्रेनों के संचालन को लेकर है। लोग जानना चाहते हैं कि 15 अप्रैल से ट्रेन चलेगी या नहीं। 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की अवधि बढ़ी तो क्या फिर से ट्रेनें निरस्त कर दी जाएंगी। रिफंड के नियम के साथ ही यह भी जानकारी ले रहे है कि अगर ट्रेन चली तो क्या एसी कोच में कंबल व चादर के साथ ही खाना मिलेगा या नहीं। 139 के अलावा हेल्पलाइन नंबर 138 पर भी जानकारी दी जा रही है।
अब तक 540 डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने का काम पूरा
कोरोना वायरस से जंग में उत्तर रेलवे जीवन बचाव सहयोग में जुटा है। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में लोगों को रेलवे खाना खिला रहा है तो प्रोडक्शन यूनिट में सैनिटाइजर, फेस मास्क, कवर ऑल (पीपीई), कोच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने का काम कर रहा है। ताकि कोरोना वायरस से निपटा जा सके।
उत्तर रेलवे के पांचों रेल मंडल और कारखाने कोरोना से लड़ी जाने वाली जंग के लिए 24 घंटे जुटा है। मालगाड़ियों को चलाने के अलावा उत्तर रेलवे 11 अप्रैल तक 3779 लीटर हैंड सेनिटाइजर, 20256 फेस मास्क, 621 कवर ऑल का निर्माण करने के साथ-साथ 540 रेल डिब्बों को आइसोलेशन वार्डों में बदलने का काम पूरा कर लिया है।