नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर-62 और ग्रेनो मेट्रो रूट को मंजूरी के बाद अब अगला लक्ष्य तीन और प्रस्तावित रूटों पर मंजूरी का है। ये तीन रूट दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) नहीं, बल्कि नोएडा मेट्रो रेल कंपनी (एनएमआरसी) की निगरानी में बनेंगे।
बॉटेनिकल गार्डन से कालिंदी कुंज मेट्रो का निर्माण चल रहा है। 3.962 किलोमीटर लंबा रूट 2017 तक बन जाएगा। मंगलवार को सिटी सेंटर से सेक्टर-62 और सिटी सेंटर से ग्रेटर नोएडा रूट को मंजूरी मिल गई है। नए साल में इन पर भी काम शुरू हो जाएगा। इनके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना के लिए तीन और रूट प्रस्तावित हैं।
यमुना शहर बसाने के लिए मेट्रो को लाना जरूरी है। प्राधिकरण ने तय कर लिया है कि तीनों नए रूटों के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी एनएमआरसी पर होगी। मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी से यह बात साफ हो गई है। एनएमआरसी का गठन एक हजार करोड़ रुपये के फंड से किया जा रहा है।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
कैबिनेट से मंजूरी के बाद अब बहुत जल्द इसके गठन की संभावना है। कालिंदी कुंज, ग्रेनो और सेक्टर -62 मेट्रो का निर्माण शीघ्र शुरू करना था, इसलिए एनएमआरसी के गठन तक इंतजार नहीं किया जा सकता था। अब जो तीन नए रूट प्रस्तावित किए गए हैं, उनका निर्माण शुरू करने में वक्त है।
तब तक एनएमआरसी का गठन हो जाएगा, जिसके बाद प्राधिकरण तीनों ही रूटों को एनएमआरसी से ही बनवाएगा। तीनों प्राधिकरणों के चेयरमैन रमा रमण ने साफ कहा कि दिल्ली की तरह ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण तक मेट्रो का जाल बनाया जाएगा। अगला लक्ष्य इन तीनों रूटों को मंजूरी दिलाना है। इनकी जिम्मेदारी एनएमआरसी पर होगी। कंपनी के गठन की सभी औपचारिकताएं बहुत कम समय में पूरी की जाएंगी।
पहला रूट: सेक्टर-71, 72 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक बनेगा। इस रूट से सेक्टर-71, 72, 73, 74, 75, 76, 77, 78, 79, 112, 113, 114, 115, 122 के अलावा सर्फाबाद, गढ़ी चौखंडी आदि इलाके जुड़ेंगे।
दूसरा रूट: कालिंदीकुंज से शुरू होकर सेक्टर-142 तक बनेगा। इससे सेक्टर-94 व 124 के अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ स्थित सेक्टर जुड़ेंगे। यह रूट एक्सप्रेसवे के पैरलल बनेगा, क्योंकि सिटी सेंटर से बोड़ाकी के बीच मेट्रो के जिस रूट को मंजूरी मिली है, उससे आधा एक्सप्रेसवे और उसकेआसपास केसेक्टर अछूते हैं।
तीसरा रूट: यह परी चौक से जेवर (यमुना शहर) तक प्रस्तावित है।