एम्स में मरीज को इलाज के लिए अब एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चेकअप होने के 15 मिनट के अंदर रिपोर्ट डॉक्टर के स्मार्ट फोन या वार्ड में लगे कंप्यूटर पर पहुंच जाएगी।
अभी रिपोर्ट के लिए मरीजों और डॉक्टरों को एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता था। कुछ माह बाद ओपीडी के मरीजों को भी यह सुविधा मिलेगी।
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एक अनुमान के मुताबिक, एम्स में रोजाना सात से दस हजार एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच की जाती है। वार्डों में लगे सभी कंप्यूटरों में एक सॉफ्टवेयर डाला गया है। उस सॉफ्टवेयर को डॉक्टरों के स्मार्ट फोन से भी लिंक किया गया है।
एक्स-रे आदि की इमेज देखने के लिए डॉक्टर को यूजर नेम और पासवर्ड डालना होगा। इसके बाद मरीज का यूनीक हेल्थ आइडेंटिफिकेशन (यूएचआईडी) नंबर डालते ही रिपोर्ट सामने आ जाएगी। एम्स में ज्यादातर मरीजों को चिकित्सक एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड या एक्स-रे कराने की सलाह देते हैं।
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कई बार मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज करते समय भी स्वास्थ्य की जांच की सलाह दी जाती है। पहले रिपोर्ट आने तक मरीज को भर्ती रहना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के बाद अब उनको इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कुछ माह में ओपीडी में भी इस सॉफ्टवेयर से लैस कंप्यूटर को लगाया जाएगा। इससे डॉक्टर वहां भी फौरन रिपोर्ट देख सकेंगे। एम्स के ओपीडी में प्रतिदिन नौ से दस हजार मरीज पहुंचते हैं।