ठगी का शिकार हुए, धोखाधड़ी का सामना करने वाले और इंश्योरेंस के रुपये का इंतजार ताकने वाले लोगों को अब राहत मिलेगी। उपभोक्ता फोरम में केस लड़ने वाले ऐसे लोगों को अब पांच लाख रुपये तक के क्लेम पर कोर्ट में दी जाने वाली फीस नहीं देनी होगी।
कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, हर महीने उपभोक्ता फोरम में 500 से अधिक केस रजिस्टर्ड होते हैं। ऐसे में लोगों को क्लेम लेने के हिसाब से कोर्ट फीस जमा करनी होती है। इसमें एक रुपये से लेकर एक लाख रुपये पर 100 रुपये की फीस कोर्ट में जमा की जाती है, जिसके बाद ही केस की सुनवाई आगे चलती है। वहीं, एक लाख से पांच लाख रुपये तक पर 200 रुपये कोर्ट फीस के रूप में देने होते हैं। वहीं, पांच लाख से 10 लाख पर 400 रुपये और 10 लाख से 20 लाख रुपये तक पर 500 रुपये की कोर्ट फीस जमा करनी होती है। हालांकि ऐसे में 1000 रुपये तक का क्लेम लेने वाले लोगों को 100 रुपये कोर्ट फीस देनी होती है।
इसके अलावा उसे डीडी बनवाने में 50 रुपये अतिरिक्त देने होते हैं। कोर्ट पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे में एक से पांच हजार रुपये तक क्लेम लेने वाले उपभोक्ताओं को अब नई स्कीम के तहत पांच लाख रुपये तक पर कोई कोर्ट फीस नहीं जमा करनी होगी। शासन ने इस बारे में आदेश जारी किया है।
कोर्ट फीस की नई तालिका
एक रुपये से पांच लाख रुपये पर कोई फीस नहीं
पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये पर 200 रुपये
10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये पर 400 रुपये