दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा है कि राजधानी में प्रत्येक माह 15 दिन सम-विषम फॉर्मूला लागू करना बेहद कठिन है। यह व्यवस्था नियमित रूप से लागू करने पर न केवल मेट्रो व्यवस्था पर असर पड़ेगा, बल्कि पुलिस व्यवस्था भी प्रभावित होगी।
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाए जाने के सरकार के फैसले पर उपराज्यपाल ने कहा कि केजरीवाल ने बहुत बड़ा जोखिम लिया है और हमें देखना होगा।
जंग ने कहा कि दिल्ली की संवैधानिक स्थिति के मुताबिक संसदीय सचिव एक लाभ का पद है। 7वीं अनुसूची के मुताबिक दिल्ली में केवल एक संसदीय सचिव का प्रावधान है और वह लाभ का पद है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार यदि दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए इस बिल का अनुमोदन नहीं करती, तो ये सभी विधायक अयोग्य करार दिए जा सकते हैं।
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सम-विषम की अधिसूचना हुई जारी
सम-विषम
प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने सम-विषम फॉर्मूला को लेकर सोमवार को अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तैयारियों को लेकर जो खाका शनिवार को पेश किया, वह सब कुछ नोटिफिकेशन में शामिल है। पिछली बार की 25 कैटेगरी की तुलना में इस बार 28 कैटेगरी में छूट दी गई है।
अतिरिक्त छूट पाने वालों में चुनाव आयोग, राज्य चुनाव आयोग, रिटर्निंग ऑफिसर समेत जिस कार में स्कूल की ड्रेस में बच्चा बैठा होगा, उसे छूट मिलेगी। दरअसल, चुनाव आयोग के वाहनों को छूट देश के अलग-अलग राज्यों में चल रहे चुनावों को देखते हुए दी गई है। दिल्ली में नगर निगम के कई वार्डों में उपचुनाव होना है, जिसकी घोषणा इसी दौरान हो सकती है।
इसलिए भी इसमें छूट दिया जा रहा है। स्कूल इस बार खुले रहने के कारण स्कूली ड्रेस के बच्चे वाली गाड़ियों को भी छूट वाली कै टेगरी में रखा गया है। मगर यह आधी छूट है, यानी जब तक बच्चा स्कूल ड्रेस में कार में बैठा है, तभी तक उसे छूट मिलेगी।
सरकार ने सम विषम फॉर्मूला लागू करने के बाद दिल्लीवालों को दिक्कत ना हो, इसके लिए खास तैयारी भी कर ली है। फॉर्मूला के दायरे में इस बार कुल 21 लाख से ज्यादा वाहन आएंगे। जबकि, एक दिन में 10 लाख से ज्यादा वाहन सड़क पर नहीं उतर पाएंगे।
सरकार ने कहा है कि लोगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों की तैनाती की जाएगी। इस बार मेट्रो के फेरे पिछली बार से बढ़ाए जाएंगे। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर भी यह लागू होगा। नियम तोड़ने वालों का 2000 रुपये का चालान किया जाएगा। यह चालान दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, राजस्व विभाग की ओर से अधिकृत अधिकारी और परिवहन विभाग की इनफोर्समेंट टीम में हेड कांस्टेबल रैंक और उससे ऊपर के अधिकारी काट पाएंगे।
15 अप्रैल से 15 दिनों तक किस तारीख को कौन सी गाड़ी चलेगी, यह तारीख के नंबर पर तय करेगा। जैसे कि अगर विषम नंबर वाली तारीख 15, 17, 19, 21, है तो उस दिन वही वाहन चलेंगे, जिसका आखिरी नंबर भी 1,3,5,7,9 होगा। इसी तरह अगर सम नंबर वाली तारीख यानी 16,18,20,22,24 है तो उस दिन वही वाहन चलेंगे जिसके आखिरी में 2, 4, 6, 8 और 0 होगा। जीरो को सम नंबर माना जाता है।