खाकी का एक दागदार चेहरा शुक्रवार को मोदीनगर कोतवाली में देखने को मिला। कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों ने नार्थ ईस्ट की एक महिला की न केवल पिटाई की, बल्कि उसे धकियाते हुए कोतवाली से बाहर खदेड़ दिया।
महिला का अपराध सिर्फ इतना था कि वह अपने चोरी गए बैग की बाबत रिपोर्ट दर्ज कराने कोतवाली पहुंच गई थी। जबकि पुलिसकर्मी उस पर पर्स चोरी न होकर गुम हो जाने की तहरीर लिखकर लाने का दबाव बना रहा था।
मामला शुक्रवार सुबह 11.30 बजे का है। आसाम के नौगांव निवासी रजिया के पति गाजियाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट में मजदूर हैं। रजिया ने बताया कि मथुरा से बस में सवार होकर वह गाजियाबाद पहुंची थी।
महिला कांस्टेबल ने उसके साथ मारपीट की
पति से मिलने के बाद वह मेरठ एक रिश्तेदारी में जा रही थी। इसके चलते वह गाजियाबाद से मेरठ जाने वाली बस में सवार हो गई। मोदीनगर बस स्टैंड के पास वह बस से उतरकर फल लेने गई, तभी ठेली पर रखा उसका बैग गायब हो गया।
बैग में दो हजार की नगदी एवं अन्य जरूरी कागजात थे। पीड़िता ने बताया कि शिकायत लेकर वह कोतवाली में पहुंची और चोरी की तहरीर दी।
इस पर पुलिसकर्मी बैग गुम हो जाने की तहरीर देने का दबाव बनाने लगे। आरोप है कि विरोध करने पर कोतवाली में तैनात एक दरोगा के कहने पर महिला कांस्टेबल ने उसके साथ मारपीट की और कोतवाली से बाहर खदेड़ दिया।
पुलिस का आरोप महिला गालीगलौच कर रही थी
पीड़िता रोते हुए मामले में आलाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहकर चली गई। उधर, पुलिस कर्मियों का कहना है कि महिला कोतवाली में गाली गलौच कर रही थी।
इसके चलते उसे महिला कांस्टेबल ने डांट फटकार कर कोतवाली से बाहर निकाला था। मोदनगर इंस्पेक्टर दीपक शर्मा के मुताबिक ‘नार्थ ईस्ट की महिला से किसी भी प्रकार की बदतमीजी या मारपीट करने का मामला संज्ञान में नहीं है।
जानकारी होने पर जांच कर दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।’