कानपुर में दंगा, 500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित
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दिल्ली हाईकोर्ट ने उतर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के आरोप में गिरफ्तार पिंजरा तोड़ संगठन की सदस्य देवांगना कलीता की याचिका पर तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया है। कलीता ने याचिका में मांग की है कि उन्हें उनके वकील से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करने की अनुमति दी जाए। न्यायमूर्ति विभू बाखरू की एकल पीठ ने इस याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की।
याचिका पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को नोटिस जारी करके जवाब मांगा। इसके साथ ही कोर्ट ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के आवेदन को प्रतिवेदन के तौर पर देखें। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक जुलाई के लिए तय कर दी।
याचिका में देवांगना कलीता ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिए जाएं, उन्हें उनके वकील से दैनिक आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने और परिवार से बात करने की अनुमति देने के लिए निर्देश दिए जाएं। इसके साथ ही कलीता ने मांग की है कि जेल में उनकी कीताबें उन्हें पढ़ने के लिए देने की अनुमति भी दी जाए।
याचिका में कहा गया? कि कोविड19 के मामलों के बढ़ने के चलते आरोपियों को उनके वकीलों से दैनिक रूप से बात करने पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन उन्हें अपने पक्ष को स्पष्ट करने के लिए वकील से दैनिक रूप से बात करने की जरूरत है। पुलिस ने फरवरी में जाफराबाद इलाके में हुए दंगों के संबंध में देवांगना कलीता को गिरफ्तार किया था। हालांकि इसके बाद कलीता को कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें 24 मार्च को अन्य मामले में फिर गिरफ्तार कर लिया था।