पुन्हाना। उपमंडल के गांव नीमका में कुएं की सफाई के दौरान जहरीली गैस से हुई चार युवकों की मौत से पूरा गांव गमगीन है। जमशेद की मौत से पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, जाकिर और याहया ने दोस्त शाहिद को बचाने के चक्कर में अपनी जान दे दी।
नीमका गांव निवासी हनीफ ने गांव में ही खेतों की सिंचाई के लिए एक बोर किया हुआ है। वाटर लेवल नीचे होने की वजह से हनीफ ने जमीन से पानी खींचने वाला पंखा नीचे रखने के लिए करीब 12 फीट एक छोटा कुआं खोद रखा है। बारिश की वजह से इस कुएं में चार-पांच फीट पानी भरने से पंखा डूब गया था। खेतों की सिंचाई के लिए हनीफ ने पानी को निकलवाने और बोरिंग को थोड़ा और गहरा करने के लिए शनिवार सुबह काम शुरू किया था। सफाई की जिम्मेदारी गांव के 35 वर्षीय मिस्त्री जमशीद को दी थी। मिस्त्री के साथ सफाई का कार्य देखने हनीफ और उसका 21 वर्षीय बेटा शाहिद खेतों पर चले गए। जब शाहिद के दोस्त 18 वर्षीय जाकिर और 19 वर्षीय याहया को पता चला तो वे भी खेतों पर पहुंच गए। कुएं और बोरिंग की सफाई करने के लिए जमशेद उसमें नीचे उतर गया। सफाई के कुछ देर बाद जमशेद अचानक बेहोश हो गया। जिसे देखने के लिए हनीफ ने बेटे शाहिद को कुएं में उतारा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया। जब शाहिद और जमशेद की कोई आवाज नहीं आई और उनके शरीर में भी हरकत नहीं हो रही थी तो जाकिर और याहया अपने दोस्त को निकालने के लिए नीचे उतरे, लेकिन वे भी नीचे उतरते ही बेहोश हो गए। यह देखते ही हनीफ ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन हादसा देखकर हनीफ भी बेहोश हो गया। गांव के लोगों ने चारों युवकों को रस्सी आदि से निकालकर पुन्हाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चारों मृतकों में दो चचेरे भाई और दो पड़ोसी है। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुन्हाना के डीएसपी शमशेर सिंह का कहना है कि फिलहाल हादसे की धारा के तहत कार्रवाई की गई है। शवों का मांडीखेडा के अल-आफिया जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुन्हाना की एसडीएम मनीषा शर्मा का कहना है कि चार लोगों की मौत की जांच नायब तहसीलदार कंवल लाल को सौंपी है। (संवाद)
परिजनों को आर्थिक मदद देने की मांग
गांव के गनी नंबरदार, असगर सरपंच मकसूद ने जिला प्रशासन और सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है। उनका कहना है कि मृतकों के परिजन गरीब किसान हैं। जमशेद के पांच बच्चे हैं। सभी की आर्थिक मदद की जाए।