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Noida News: कंबोडिया में फंसे युुवाओं ने मंत्रालय से साधा संपर्क

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कंबोडिया में फंसे युुवाओं ने मंत्रालय से साधा संपर्क
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साइबर ठगी के जाल में फंसे भारतीय युवाओं को अब वतन वापसी की आस
दीपक शर्मा
ग्रेटर नोएडा। कंबोडिया में साइबर ठगी के जाल में फंसे भारतीय युवाओं को अब वतन वापसी की आस हो चली है। विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद शनिवार को 17 श्रमिकों की वापसी हुई। इसके बाद साइबर ठगी में फंसे युवाओं ने कंबोडिया की राजधानी में मौजूद मंत्रालय के कार्यालय से संपर्क साधा है।

फरवरी महीने में दादरी के रहने वाले फैजल सैफी कंबोडिया में साइबर ठगों के जाल से छूटकर भारत वापस आ गए थे। उन्होंने वहां गिरोह के सरगना डेविड को झांसे में लिया था। फैजल सैफी ने डेविड से कहा था कि वह ऑफिस के लिए लेडी कॉलर की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए वह भारत जा रहे हैं। इस पर डेविड ने सहमति प्रदान कर दी। अब वहां पर फंसे हुए युवक स्थानीय लोगों के संपर्क में हैं। गौतमबुद्ध नगर के ही 10 से 12 युवा कंबोडिया में फंसे हुए हैं। इन सभी को सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अच्छी नौकरी की बात कहकर ले जाया गया था। बाद में इनको साइबर ठगी में धकेल दिया गया। इनमें से ही कुछ युवकों ने नोम पेन्ह में मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क साधा है।
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विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
कंबोडिया में फंसे भारतीय युवाओं की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने युवाओं के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि जानकारी में आया है कि कंबोडिया में आकर्षक नौकरी के अवसरों के फर्जी वादों से आकर्षित होकर भारतीय नागरिक मानव तस्करों के जाल में फंस रहे हैं। रोजगार के लिए कंबोडिया जाने के इच्छुक भारतीय नागरिकों को सावधान किया जाता है कि वे केवल अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही ऐसा करें। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि विदेश मंत्रालय, नोम पेन्ह में समस्या के समाधान के साथ-साथ प्रभावित भारतीय नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए कंबोडियाई अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी जांच
एक महीना पहले थाना बिसरख क्षेत्र में कंबोडिया में साइबर ठगी गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस खुलासे के बाद अब पूरे मामले को स्थानीय पुलिस ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के हवाले कर दिया है। थाना बिसरख के प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि पूरे मामले में हमारी उन युवाओं ने बहुत मदद की जो कंबोडिया से मुक्त होकर आए हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा जो एडवाइजरी जारी की गई है वह युवाओं के मार्गदर्शन का काम करेगी। ग्रेटर नोएडा से जो लोग गिरफ्तार किए गए थे उनमें एक चीन का नागरिक, एक नेपाल का नागरिक अनिल थापा और एक दादरी का निवासी विनोद भाटी था।
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