-18 रूटों पर बसें कम होने से इंतजार करने पर मजबूर हैं यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। पिछले सात माह से ग्रेटर नोएडा डिपो में रोडवेज बसों की कमी बनी है। 18 रूटों पर बसें कम होने से आधा से एक घंटा इंतजार करना पड़ता है। नई बसें मिलने में अभी एक माह का समय और लगेगा। रोडवेज की बसें नहीं मिलने पर यात्री निजी बसों में यात्रा करने के लिए मजबूर है।
ग्रेटर नोएडा डिपो में इन दिनों केवल 102 बसें ही 18 रूटों पर चल रही है। एक साल से 50 बसों की मियाद पूरी होने पर रूट से हटा दिया गया। रूट से हटने के बाद डिपो में खड़ी है। उनके स्थान पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से ग्रेटर नोएडा डिपो को नई बसें मिलनी है। डिपो के अधिकारियों ने 50 बसें देने का डिमांड भेजी है। डिपो को सभी बसें सीएनजी की मिलनी है। डिपो में एक भी बस डीजल की नहीं है। सभी बसें सीएनजी की आनी है। जिन जिलों में डीजल की बसों की मांग थी। उनको अप्रैल माह में बसें मिल चुकी है। इन दिनों सीएनजी बसें तैयार की जा रही है। इस माह के अंत तक बसें मिलने की उम्मीदें जाहिर की जा रही है।
बसें कम होने से घंटों इंतजार करते है यात्री
18 रूटों पर केवल 102 बसें चल रही है। बसें कम होने पर एक बस के निकलने के बाद दूसरी बस आने में आधा से एक घंटे का समय लगता है। इस बीच यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है। कई बार बस नहीं मिलने पर निजी बस में यात्रा करने पर मजबूर होते है।
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वर्जन
इस माह के अंतिम सप्ताह तक ग्रेटर नोएडा डिपो को नई बसें मिलने की उम्मीद है। नई बसें मिलने पर लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
-अनिल शर्मा एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो