ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण के नए मास्टर प्लान-2041 में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए हरियाली पर जोर दिया गया है। यीडा सिटी में 35 फीसदी क्षेत्र हरियाली से भरपूर रहेगा। इसके लिए हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इसमें यमुना किनारे और वन विभाग की जमीन समेत अन्य क्षेत्रों को भी जोड़ा जाएगा और करीब 4500 हेक्टेयर में हरियाली दिखाई देगी। साथ ही, पर्यटन स्थल भी विकसित किए जाएंगे।
मास्टर प्लान को प्राधिकरण की ओर से बोर्ड व शासन के समक्ष भेजा जाना है। प्रदूषण को देखते हुए प्राधिकरण ने इस बार हरियाली को विशेष तरजीह दी है। नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण की अपेक्षा यीडा सिटी में हरित क्षेत्र को बढ़ाकर 35 फीसदी रखा गया है, जबकि मास्टर प्लान 2021 में हरित क्षेत्र 29 फीसदी है। मास्टर प्लान में हरित क्षेत्र नहर, पोखर, झील, वेटलैंड और वन विभाग के क्षेत्र को जोड़कर विकसित किया जाएगा।
इस हरित क्षेत्र को पिकनिक स्पॉट के रूप में भी बदला जाएगा। दनकौर क्षेत्र के जगनपुर-अफजलपुर में वन क्षेत्र, धनौरी में वेटलैंड, यमुना समेत अन्य वन क्षेत्र को जोड़ा जाएगा। इस तरह के हरित क्षेत्र को विकसित करने के पीछे प्राधिकरण का मकसद अतिक्रमण को रोकना भी है। तालाब, झील, पोखर और वन आदि की भूमि पर लोग अतिक्रमण कर लेते हैं, इसलिए पहले चरण में इन्हें चिह्नित कर विकसित करने की योजना है।