- जेपी स्पोर्ट्स सिटी में आवंटन को पहले ही निरस्त कर चुका यमुना प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जेपी समूह के अधिग्रहण के लिए वेदांता की सबसे बड़ी बोली की चर्चा के बीच यमुना प्राधिकरण ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियाें का कहना है कि जेपी स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट में करीब 2400 करोड़ रुपये की देनदारी प्राधिकरण की है। यमुना प्राधिकरण स्पोर्ट्स सिटी के विकास के लिए नए विकासकर्ता की भी तलाश में है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जेपी समूह के अधिग्रहण का प्राधिकरण पर होने वाले असर का आकलन कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया में प्राधिकरण अपना और खरीदारों का हित भी देखेगा। ऐसे में जेपी स्पोर्ट्स सिटी में जो भी देनदारियां बकाया हैं। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराई जा रही है। हम अपना पक्ष मजबूती से सुप्रीम कोर्ट में रखेंगे जिससे हितों को सुरक्षित रखा जा सके। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जेपी समूह का प्रमुख रूप से स्पोर्ट्स सिटी है। यहां अधूरे कामों की भी समीक्षा कराई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जेपी समूह के ऊपर ब्याज व अन्य देनदारियों का कुल बकाया करीब छह हजार करोड़ रुपये है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह देनदारी का आंकड़ा क्या रहेगा। इसको भी देख जा रहा है। यही वजह है कि इस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी करी एंड ब्राउन को सभी संपत्तियों का ऑडिट करने के लिए कहा गया है। यह एजेंसी इस प्रोजेक्ट में बैंकों के कर्ज का भी आकलन कर रही है। शुरुआती आकलन में ब्याज सहित करीब 8000 करोड़ रुपये बैंक का कर्ज होने की बात सामने आई है।