ग्रेटर नोएडा। जिलास्तरीय एंटी टास्क फोर्स समिति ने चिटहेरा भूमि घोटाले के मुख्य आरोपी यशपाल तोमर और उसकी कंपनी को भूमाफिया घोषित कर दिया है। समिति ने ग्रेनो वेस्ट में हिंडन के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटने वाले पांच कालोनाइजर को भी भूमाफिया घोषित किया है। ये नोएडा के बहलोलपुर और सर्फाबाद के निवासी हैं। इन सभी पर संबंधित कोतवाली में मामला दर्ज कराया जाएगा। वहीं, ग्रेनो प्राधिकरण से मिली सूची के कालोनाइजरों की अभी जांच कराई जा रही है।
जिलाधिकारी सुहास एलवाई की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को जिलास्तरीय एंटी टास्क फोर्स की ऑनलाइन बैठक हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि चिटहेरा गांव में पट्टों की जमीन का अवैधानिक तरीके से क्रय-विक्रय किया गया है। साथ ही, भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और दादरी एसडीएम की तरफ से भूमाफिया घोषित करने का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव पर समिति ने यशपाल तोमर को भूमाफिया घोषित कर दिया है। मूलरूप से बागपत के बरवाला गांव निवासी यशपाल इस समय दिल्ली के पटपड़गंज स्थित यूनेस्को अपार्टमेंट में रहता है। समिति ने यशपाल से जुड़ी फर्म त्रिदेव रिटेल प्राइवेट लिमिटेड को भी भूमाफिया घोषित किया है। फर्म दिल्ली के फिरोजशाह रोड स्थित दिवान सी अपार्टमेंट के पते पर पंजीकृत है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाएगा।
नोएडा के पांच कालोनाइजर भी भूमाफिया घोषित
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट में हिंडन के डूब क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। हैबतपुर गांव के खसरा नंबर 346, 345, 350, 348, 351 और 349 पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही थी। ग्रेनो प्राधिकरण से इसकी अनुमति नहीं थी। नक्शा स्वीकृत भी नहीं था। एसडीएम दादरी की रिपोर्ट पर नोएडा के बहलोलपुर निवासी रामवीर, ओमपाल, अरुण और सर्फाबाद निवासी मुकेश और मनोज को भूमाफिया घोषित किया गया है। इन पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
51 लोगों की सूची पर खड़े हुए सवाल, कई को बचाया
ग्रेनो प्राधिकरण ने 51 कालोनाइजर की सूची प्रशासन को भेजी थी, लेकिन समिति ने इनमें से कुछ की भूमिका पर संदेह जताते हुए कुछ मुख्य लोगों का नाम न होने की बात कही। प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि प्राधिकरण अधिकारियों ने कुछ भूमाफिया को बचाने का प्रयास किया है और छोटी-छोटी कॉलोनी काटने वालों के नाम दे दिए हैं, जबकि कई बड़े कालोनाइजर के नाम सूची में शामिल ही नहीं थे। प्रशासन ने सूची को देखते हुए अभी किसी को भूमाफिया घोषित नहीं किया है। प्राधिकरण की तरफ से बैठक में फिर से सूची की जांच करने का अनुरोध किया गया था। इस पर समिति ने जांच करने का समय दिया है।
अभी तक नहीं की 10 पर एफआईआर, तत्काल का आदेश
समिति ने पूर्व भी 10 से अधिक लोगों को भूमाफिया घोषित किया था, लेकिन अभी तक काफी पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग को भूमाफिया बुराड़ी दिल्ली निवासी मनोज कुमार, सर्फाबाद निवासी बलेश्वर, पर्थला खंजरपुर निवासी पदम, राजपाल, विजय, सेक्टर-135 नोएडा निवासी कुलदीप शर्मा, नगली नंगला निवासी यदवेंद्र सिंह पर तत्काल मामला दर्ज करना होगा। वहीं, एसडीएम सदर को शाहपुर गोवर्धनपुर निवासी अमृत, सुरेंद्र कुमार, रामकुमार और दीपक पर मामला दर्ज कराने का आदेश दिया है।