- डूब क्षेत्र में पुश्ता पर लगा पानी, फार्म हाउस खाली कर पुश्ता पर पहुंचे लोग, इस साल दूसरी बार बढ़ा जलस्तर
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना नदी का जलस्तर फिर से बढ़ गया है। बुधवार रात से पानी बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ। बृहस्पतिवार तक पानी 3 से 5 फीट तक बढ़ गया। डूब क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउसों में पानी भर गया। साथ ही आसपास खेत भी जलमग्न हो गए। फार्म हाउसों में रहने वाले लोगों ने पुश्ता पर शरण ली है। हालांकि अब तक शरण लिए लोगों तक प्रशासन की तरफ से मदद नहीं पहुंची। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि जलस्तर बढ़ गया था, लेकिन बाढ़ की आशंका नहीं है।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने के कारण पिछले सप्ताह यमुना का जल स्तर बढ़ गया था। दो दिन जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। अब हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में हुई भारी बारिश के कारण फिर यमुना में पानी छोड़ा गया है। जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसका असर गौतमबुद्ध नगर में डूब क्षेत्र में दिखा। डूब क्षेत्र में 3 से 5 फीट तक पानी भर गया। पुश्ता तक पानी पहुंच गया। अवैध फार्म हाउस और खेत जलमग्न हो गए। फार्म हाउसों में पानी घुसने से वहां रहने वाले लोगों को फिर पुश्ता पर शरण लेनी पड़ी। बृहस्पतिवार सुबह तक पानी लगातार बढ़ता रहा। हालांकि दोपहर बाद जलस्तर में गिरावट आई। सुबह ओखला बैराज पर जल स्तर 198.25 मीटर रहा था। शाम के समय मामूली गिरावट हुई है।
जेवर के चार गांवों में धुसा यमुना का पानी
यमुना सिटी (संवाद)। यमुना नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण जेवर के कई इलाकों में पानी दोबारा घुसने लगा है। पिछले बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर कम होने से किसानों ने राहत की सांस ली थी। बुधवार शाम से दोबारा जलस्तर बढ़ने लगा। इसके चलते यमुना नदी से सटे जेवर, रबूपुरा और दनकौर के कुछ गांवों के खेतों में दोबारा से बाढ़ का पानी घुसने लगा। इसे लेकर जिला प्रशासन ने किसानों को अलर्ट किया है। हरियाणा के यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से दो दिनों तक 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके कारण नदी का पानी अपने मुख्य धारा से बाहर निकलकर जेवर के कानीगढ़ी, शमशमनगर, पुरननगर और झुप्पा गांव के खेतों तक पहुंचने लगा है। नदी का पानी खेतों में घुसने से धान, सब्ज़ी और पशुओं के चारे की फसलें जलमग्न होने लगी हैं। शमशमनगर के किसानों का कहना है कि लगभग 400 बीघा में लगी फसल बर्बाद हो गई है। निचले इलाकों में लगे धान व सब्जी की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कानीगढ़ी के किसानों को करीब 250 बीघे में लगी फसल के नुकसान का डर सताने लगा है।
घरों से करीब 50 मीटर दूरी तक पहुंचा पानी
दनकौर (संवाद)। यमुना का जलस्तर बढ़ने से लतीफपुर आदि गांव के बाहरी छोर बने घरों से करीब 50 मीटर दूर तक पानी आ गया है। किसानों की धान समेत अन्य फसलें पानी में डूब गई हैं। ग्रामीण हरिदत्त शर्मा व वेदपाल कौशिक ने बताया कि मकनपुर खादर व लतीफपुर आदि गांवों का खादर का जंगल पूरी तरह पानी में डूब गया है। घरों से कुछ दूरी पर ही पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।